
जमशेदपुर : दरिंदों की बदनियति का शिकार हुई मुजफ्फरपुर की खुशबू जिंदगी की जंग हार गई. उसने अंतिम समय में भी अपने अपराधियों के लिए फांसी की सजा मांगी। पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग पर जमशेदपुर के ब्रह्मर्षि समाज की ओर से बुधवार की शाम आम बागान से कैंडल मार्च निकाला गया, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए साकची गोलचक्कर पहुंच कर संपन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि इंसाफ की चाह लिए अहियापुर में जिंदा जलाई गई खुशबू जिंदगी की जंग हार गई। सीत दिसंबर को दुष्कर्म में विफल रहने पर युवती उसे आरोपी राजा और उसके साथी मुकेश ने केरोसिन छिड़क कर जला दिया था। खुशबू 95 प्रतिशत जल गई थी खुशबू। पिछले तीन साल से छेड़खानी से परेशान युवती व उसके परिजनों ने स्थानीय थाने में पांच बार शिकायत की, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। पुलिस ने उल्टे उसे ही नसीहत दी थी कि उस परिवार से मत उलझो। छेड़खानी से लेकर जिंदा जलाए जाने और इलाज से मौत तक हर स्तर पर चूक की गई है। वारदात के बाद भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। कैंडल मार्च में विमला सिंह, अनु, शकुंतला, बिंदु, अंकिता, पुष्पा पांडेय, प्रेमलता, अंकिता चंद्रा, मंजू तिवारी, रश्मि शर्मा, अनिल ठाकुर, उदय शर्मा, जय कुमार, मुरारी सिंह, रवि भूषण शर्मा, रामकृपाल तिवारी, सुधीर कुमार, अमित कुमार समेत अन्य शामिल हुए।







