
चाकुलिया : चाकुलिया नगर पंचायत क्षेत्र में कोरोना अब धीरे धीरे बिकराल रूप धारण करने लगा है. विगत एक सप्ताह के अंदर नगर पंचायत क्षेत्र में 18 लोग कोरोना संक्रमित पाये गये हैं. इस आंकड़ा से प्रतित हो रहा है कि कोरोना ग्रामीण क्षेत्र के अपेक्षा शहरी क्षेत्रों में अपना पैर तेजी से पसारना शुरू कर दिया है. बाजार में अगर सही ढ़ंग से डोर टू डोर जाकर कोरोना की जांच की जाय तो दर्जनों लोग कोरोना संक्रमित पाये जाएंगे. वही चाकुलिया प्रखंड कार्यालय के तीन कर्मी कोरोना संक्रमित होने के बावजूद भी कार्यालय को सील नही किया गया है. वही सीएचसी में दो और नपं के दो कर्मी के पॉजेटिव होते ही दोनों कार्यालय को सील कर दिया गया है.वही बहरागोड़ा प्रखंड पदाधिकारी के कोरोना संक्रमित होते ही वहां तीन दिनों तक प्रखंड कार्यालय को सील किया गया था. वही चाकुलिया प्रखंड मुख्यालय को सील नही किये जाने पर कार्यालय के कर्मी काफी डरे और सहमे हुए हैं और डर के साये में काम कर रहे है. प्रखंड कार्यालय में रोजाना गांव के दर्जनों ग्रामीण कार्यालय रोजाना कार्यालय आना जाना करते हैं कभी भी महामारी फैल सकती है. कार्यालय के कर्मीयों ने कहा कि प्रखंड और अंचल के मालिक ही नही है, जिस कारण वे सभी मजबूरन कार्यालय में डर के साये कार्य करने पर मजबूर है. वही चाकुलिया बाजार क्षेत्र में कोरोना के बढ़ते संख्या से लोग भी भयभीत है. अब बाजार क्षेत्र के लोग दबी जुबान से कहने लगे हैं कि प्रशासन कोरोना को फैलने से रोकने के लिए कम से कम 10 दिनों तक के लिए पूर्णरूप से लॉक डाउन करने की मांग करने लगे हैं. लोगों ने कहा कि पहले प्रशासन एक कोरोना पाने पर पूरे परिवार को कोविड वार्ड ले जाया जा रहा था, क्षेत्र में सेनिटाइजर होता था और क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाया जाता था परंतु अब प्रशासन द्वारा ऐसी कोई व्यवस्था नही की जा रही है. अब तो हर गली मुहल्ला में कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं परंतु प्रशासन सिर्फ संक्रमित व्यक्ति को ही कोविड वार्ड ले जाया जा रहा है, क्षेत्र में सेनिटाइजिंग भी नही किया जा रहा है. लोगों ने मांग किया है कि जिस घर से कोरोना संक्रमित मिल रहा है उस घर के हर व्यक्ति की कोरोना जांच की जाये और क्षेत्र को सेनिटाइजिंग किया जाये ताकि कोरोना को क्षेत्र में फैलने से रोका जा सके.








