
जमशेदपुर : कैशर जहां ( 24 ) को ससुराल में दहेज के लिए प्रताड़ित किए जाने को लेकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. इस मामले में सुनवाई कर रहे जमशेदपुर कोर्ट के एडीजे -4 राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने शुक्रवार को आरोपी पति आसिफ हुसैन, ससुर शौकत हुसैन (75), सास रेहना बेगम (60) और देवर कासिफ हुसैन को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने आरोप में पांच साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई हैं. साथ ही अदालत ने मामले के चारों आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाई हैं. जुर्माना नहीं देने पर छह माह के लिए अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतने का आदेश दी हैं. मामले की अन्य एक आरोपी ननद निशा बेगम फरार हैं. अदालत ने पति एंव ननद की सुनवाई अलग से की. वहीं सास, ससुर और देवर के खिलाफ अलग से अदालत में सुनवाई हुई. इन मामले में अलग-अलग गवाही हुई हैं. दो अलग-अलग एसटी 57/2011 में 9 और एसटी 57ए/2011 में 8 लोगों की गवाही हुई हैं. (नीचे भी पढ़ें)
क्या हैं मामला :
मृतका कैशर जहां के पिता अब्दुल रज्जा आजादनगर निवासी ने बेटी के ससुराल वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. इसमें बताया था कि बेटी की शादी आसिफ हुसैन से घटना के एक वर्ष पूर्व शादी हुई थी. शादी बाद से वह ससुराल में ही रहती थी. 26 जनवरी 2009 को मायके गई थी, उसी दिन ससुराल लौट गई. 27 जनवरी को पिता अब्दुल रज्जा बेटी से मिलने गई तो उसकी ससुर काफी गुस्स में था. पूछने पर बताया कि बेटी को अपने घर लेते जाए नहीं तो 50 हजार रूपए दहेज में दे. 29 जनवरी की सुबह 11 बजे उनके पुत्र वाशिद ने सूचना दिया की बेटी की ससुराल में मौत हो गया हैं. सूचना पर बेटी को देखने गया तो देखा कि बेटी पलंग में सोयी हैं. सास,ननद और आस – पास के महिलाएं बेटी का पैर मल रही थी. बेटी को लेकर एमजीएम अस्पताल लेकर गया तो डॉक्टरों ने बेटी को मृत घोषित कर दिया था. इस संबंध में अब्दुल रज्जा के बयान पर आजादनगर थाने में दहेज हत्या का मामला दर्ज कराई गई थी.



