जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर के सीएच एरिया (एसएसपी आवास के बगल में) निवासी व्यवसायी देबांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण के मामले में मुख्य सरगना को पुलिस गिरफ्तार कर ली है. अब तक कुल 9 लोगों की गिरफ्तारी हो गयी है. इसका खुलासा जमशेदपुर पुलिस शुक्रवार को कर सकती है. झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा इसका खुलासा करेगी. बताया जाता है कि पुलिस ने अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें जमशेदपुर के दो अपराधी शामिल है, जो रेकी का काम किये थे. वहीं, बिहार के नालंदा और गयाजी के अलावा झारखंड के हजारीबाग के पास बरही से 7 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है. उनके पास से बड़े पैमाने पर पुलिस ने हथियार और आग्नेयास्त्र जब्त किये है. इस गिरोह के लगभग सारे सदस्यों को गिरफ्तार करने के लिए अब भी पुलिस बिहार और झारखंड में छापामारी कर रही है. यह उम्मीद है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारी शुक्रवार तक की जायेगी. (नीचे भी पढ़ें)
इसमें एक पूरी टोली थी, जिसने अपहरणकांड को अंजाम दिया था. बताया जाता है कि पुलिस ने रंगदारी के लिए कॉल आने के बाद अपनी सक्रियता बढ़ायी, जिसके बाद यह गिरफ्तारियां हुई. बताया जाता है कि 15 बार अपहरणकर्ताओं ने फोन किया था. इसके बाद से पुलिस ने तकनीकी तौर पर काम करती रही. बताया जाता है कि 26 जनवरी को जब अपहरणकर्ताओं ने कैरव गांधी के पिता और चाचा को फोन किया और पैसे की मांग की, तब सारे लोग सक्रिय हुए. इसके बाद उनका ट्रेस हुआ और घेराबंदी के बाद कैरव को सड़क पर छोड़कर चले गये.




