
जमशेदपुर : इन दिनों बच्चों के लिए मोबाइल का लगातार प्रयोग करना घातक सिद्ध हो रहा है. इसकी पुष्टि झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स की क्लीनिक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया है. रिम्स के ब्यान के मुताबिक ओपीडी में 75 फीसदी बच्चे मोबाइल से होने वाली समस्या से जूझ रहे है. बच्चों को सबसे ज्यादा आंख से कम दिखने की समस्या हो रही है. इसमें ज्यादा बच्चे पांच वर्ष से लेकर 14 वर्ष तक के है. जिन्हें केवल देखने की समस्या ही नहीं बल्कि उनका पाचन तंत्र और कब्ज की समस्या भी सामने आ रही है. अभिभावक अपने काम निपटाने के लिए बच्चों को मोबाइल तो अवश्य दे देते हैं परन्तु आये दिन उनका परिणाम बेहद बुरा हो रहा. इससे ज्यादातर बच्चों में याददाश्त खोने की भी समस्या उत्पन्न हो रही है. मोबाइल का प्रयोग करने में बच्चे इतना व्यस्त रहते है कि वें भूल जाते हैं उन्हें बाथरूम भी जाना है. कोरोना काल की स्थिति को देखते हुए बच्चों को घर पर रहने की सलाह तो अवश्य दी जाती है. परंतु घर पर रहकर ही बच्चे खेल सकते है. योग कर सकते है. कोरोना काल में मोबाइल की आवश्यकता शायद इसलिए भी बढ़ गयी है क्योंकि छोटे बच्चों को ऑनलाइन क्लास करवाना होता है. आनलाइन क्लास के बाद अभिभावक बच्चों से फोन ले कर रख दें. वरना आने वाले दिन और भी घातक हो सकते है.




