
सरायकेला : विगत दिनों झारखंड में बालू उठाव को लेकर मचे बवाल पर विराम लगाते हुए सरकार ने राज्य में बालू घाटों की विभाग द्वारा नीलामी की जगह इसका जिम्मा झारखंड राज्य खनिज विकास निगम को दे दिया है. वही इसके बावजूद सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ थाना क्षेत्र के खीरी-रायडीह स्वर्णरेखा नदी से अवैध बालू घाट बना कर बालू माफिया धड़ल्ले से रोजना दो हजार से तीन हजार ट्रैक्टर बालू का उठाव कर डंप किया जा रहा है. उसके बाद डंप स्थल से रात को जेसीबी द्वारा हाईवा में लोड किया जा रहा है. जिसके कारण बालू माफियाओं के नेटवर्क के आगे प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है.

सूत्रों की अगर माने तो प्रशासन की मिलीभगत से ही बालू का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है. वैसे हमने जब दूरभाष पर जिला खनन पदाधिकारी सन्नी कुमार से बात किया तो उन्होंने लगातार कार्रवाई किए जाने का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लिया. इससे साफ जाहिर होता है कि कही न कही प्रसाशन भी इस कारोबार में लिप्त है. वैसे आपको बता दे कि 16 अक्टूबर 2019 को जिला खनन पदाधिकारी सन्नी कुमार ने ही ईचागढ़ थाना क्षेत्र के जारगोडीह में सरकारी बालू घाट का उद्घाटन किया था. इसके बाद आम लोगो को ऑनलाइन चालान कटाकर भंडारण स्थल से बालू मिलने की बाते कही गयी थी.








