जमशेदपुर : श्रीनाथ विश्वविद्यालय, जमशेदपुर में स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग की ओर से आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन सस्टेनेबल रिसर्च एंड इनोवेशंस’ का शुक्रवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ. 15 और 16 अक्टूबर को आयोजित इस सम्मेलन में देश-विदेश के 200 से अधिक शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया. सम्मेलन का उद्देश्य सतत अनुसंधान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवीनतम विकास पर विचार-विमर्श करना तथा शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देना था. सम्मेलन में विभिन्न प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लिया. (नीचे भी पढ़ें)
अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं में नॉर्दर्न साइप्रस स्थित ईस्टर्न मेडिटेरेनियन यूनिवर्सिटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बाबाक सफेई, क्रोएशिया की यूनिवर्सिटी ऑफ स्लावोंस्की ब्रोड के प्रोफेसर डॉ. द्राजान कोजाक, मलेशिया की सनवे यूनिवर्सिटी के लेक्चरर टीएस. डॉ. कालिदासन बी तथा मलेशिया की इंटी इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, निलाई की प्रोफेसर प्रो. इर. टीएस. डॉ. मालाथी एपी बटुमालय शामिल रहे. राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों में एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, चेन्नई के रिसर्च प्रोफेसर डॉ. शुभब्रत दत्ता, एनआईटी जमशेदपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. संजय, एनआईटी सिलचर के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रसून मंडल, मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कनक कलिता, एशियन डेवलपमेंट रिसर्च इंस्टीट्यूट, पटना के जियोस्पेशियल साइंटिस्ट डॉ. अर्पण शर्मा तथा मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, नेपालगंज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र कुमार कटियार शामिल हुए. (नीचे भी पढ़ें)
श्रीनाथ विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आर. वैरा विग्नेश ने भी सम्मेलन में वक्ता के रूप में योगदान दिया. इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सह-आयोजन मलेशिया की सेगी यूनिवर्सिटी और इंटी इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम को डिजिटल जॉकी, शिवा इनऑर्गेनिक, अन्वेषा और टीआईबीआर बायोटेक का भी सहयोग प्राप्त हुआ. सम्मेलन के माध्यम से विभिन्न विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और उद्योग जगत के बीच सहयोग को मजबूत करने तथा वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और सतत विकास को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया. श्रीनाथ विश्वविद्यालय के चांसलर सुखदेव महतो ने आयोजन टीम के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए टीम की प्रतिबद्धता और मेहनत की प्रशंसा करते हुए कहा कि श्रीनाथ विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करने, शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने तथा विभिन्न विषयों में अनुसंधान, नवाचार और उद्योग जगत के साथ सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने मलेशिया के अतिथियों और विश्वविद्यालयों की सहभागिता की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग से ज्ञान के आदान-प्रदान, संयुक्त अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के नए अवसर विकसित होते हैं. ऐसे आयोजन विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को वैश्विक स्तर पर अपने विचार साझा करने तथा भविष्य की चुनौतियों के समाधान तलाशने का अवसर प्रदान करते हैं. सम्मेलन के सफल समापन के साथ श्रीनाथ विश्वविद्यालय ने अनुसंधान-आधारित शिक्षा, अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. सम्मेलन ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक नेटवर्किंग को मजबूत करने के साथ-साथ सतत भविष्य के निर्माण में उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका को भी रेखांकित किया.








