जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों के कैंटीन में खाने और नाश्ता की सप्लाई अब तक सामान्य नहीं हो पायी है. हालात को देखते हुए टाटा वर्कर्स यूनियन के डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह का सब्र का बांध भी टूट गया. शैलेश सिंह कमेटी मेंबरों और कर्मचारियों की शिकायत के बाद खुद से कैंटीन का दौरा करने पहुंचे. वहां कमेटी मेंबरों और कर्मचारिों ने उनको घेर लिया. सीसीएमसी सदस्यों और पदाधिकारियों के साथ डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह ने चर्चा की. इस दौरान स्थायी कर्मचारियों और ठेका मजदूरों के बीच कई कैंटीन में टकराव की भी खबरें डिप्टी प्रेसिडेंट को मिलीं. यह बताया गया कि आरएमबीबी 2 कैंटीन में एक वेंडर के कर्मचारी ने स्थायी कर्मचारी को ही देख लेने और दिखा लेने की धमकी तक दे दी. इस दौरान सभी ने मांग की कि कैंटीन की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाये और अलग अलग कैंटीन विकसित किया जाय, ताकि सिस्टम सुचारू रूप से संचालित हो सके. (नीचे भी पढ़ें)
इस मामले को लेकर टाटा स्टील और टाटा वर्कर्स यूनियन में भारी असंतोष देखा जा रहा है. टकराव की स्थिति कैंटीन को लेकर उत्पन्न हो गयी है. एचआर से जुड़े अधिकारी जिसको मानव संसाधन की देखरेख की जिम्मेदारी है, इतने बड़े ज्वलंत और टकराव की स्थिति पर हाथ पर हाथ धरे बैठे है. हालात यह है कि कंपनी के भीतर कभी भी गुस्सा भड़क सकता है. दूसरी ओर, इस अहम मसले पर खुद सेंट्रलाइज्ड कैंटीन मैनेजमेंट कमेटी (सीसीएमसी) के लोगों की बात एचआर के अधिकारी नहीं सुन रहे है. इसको लेकर कमेटी मेंबरों में गुस्सा है. सभी आशंका जता रहे है कि कोई बड़ी घटना होने का इंतजार एचआरएम विभाग से जुड़े अधिकारियों को है, जिसके बाद ही ये अधिकारी हरकत में आयेंगे.





