जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों के लिए वर्ष 2023 नयी चुनौती लेकर आ रहा है. टाटा स्टील के कर्मचारियों के रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले 7.20 लाख रुपये के पैकेज को जारी रखना अब टाटा वर्कर्स यूनियन के लिए चुनौती होगी. 2018 जून माह में एक समझौता में तत्कालीन यूनियन अध्यक्ष आर रवि प्रसाद के नेतृत्व में मैनजेमेंट के साथ एक समझौता हुआ था. पहले टाटा स्टील के कर्मचारियों को 60 साल तक सेवा करने वालों को एक साल का एक्सटेंशन मिलता था. इस एक्सटेंशन को 2018 में बंद कर दिया गया था. इसके बदले कर्मचारियों को अतिरिक्त रिटायरमेंट के वक्त 7.20 लाख रुपये देने का समझौता तय किया गया था. यह समझौता पांच साल के लिए तय किया गया था और तय हुआ था कि इस समझऔता का 30 जून 2023 को फिर से समझऔता की समीक्षा होगी. अब यूनियन के वर्तमान नेतृत्व पर यह सवाल उठेगा कि मेडिकल एक्सटेंशन को लेकर मिलने वाला लाभ जारी रखा जायेगा या नहीं. इसको आगे भी जारी रख पाना टाटा वर्कर्स यूनियन के लिए चुनौती होगी. टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु ने कहा कि यह समझौता 2023 तक के लिए जरूर था, लेकिन इसकी समीक्षा की बात कही गयी है. इस समझौता को हम लोग जरूर बेहतर करेंगे और कोशिश यहीं होगी कि इसको जारी रखा जाये. इसके लिए सभी स्तर पर बातचीत होगी.




