जमशेदपुर : टाटा स्टील जल्द ही पर्यावरण की सुरक्षा के दृष्टिकोण से क्रांतिकारी कदम उठाने जा रही है. इसके तहत कंपनी में स्टील का उत्पादन 10 टन प्रतिदिन मेथनॉल का उत्पादन करने वाला प्लांट लगाने जा रही है. टाटा स्टील के ओड़िशा के कलिंगानगर में इसकी स्छापना की जायेगी, जो ब्लास्ट फर्नेस के फ्यूल गैस से मेथनॉल का उत्पादन करेगी. इसके बाद भारत में एक नया कदम होगा, जिसके जरिये मेथनॉल का उत्पादन शुरू हो जायेगा. इस परियोजना का उद्देश्य स्टील प्लाट के ब्लास्ट फर्नेस से निकलने वाले कार्बन डायॉक्साइड को इलेक्ट्रोलाइजर सेहाइड्रोजन के साथ मिश्रित करके मेथनॉल का उत्पादन किया जायेगा, जिससे ग्रीन एनर्जी विकसित हो सकेगा. (नीचे भी पढ़ें)
एक तो कार्बन उत्सर्जन में कमी आयेगी और एक नया हरित ऊर्जा का विकास हो सकेगा. मेथनॉल का उत्पादन सस्ता भी होगा और यह बहुपयोगी भी होगा. मेथनॉल का उत्पादन 25 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से किया जा सकता है जबकि बायो एथनॉल के लिए सरकार ने 65.60 रुपये प्रति लीटर रेट तय की है. मेथनॉल एक कार्बनिक योगिक है, इसका रसायनिक सूत्र सीएच3ओएच है. मेथनॉल को मिथाइल एल्कोहर, वुड अल्कोहल और वुड स्पिरिट के रुप में भी जाना जाता है, जिसमें चार भाग है, इसमें हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और कार्बन का भाग है. मेथनॉल वैकल्पिक ईंधन श्रोत के रुप में पैदा किया जाता है.





