
जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों के हुए घटिया ग्रेड रिवीजन समझौता को लेकर टाटा स्टील के कर्मचारियों की ओर से टाटा वर्कर्स यूनियन के लोगों ने जमकर हंगामा किया. टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी मीटिंग में ग्रेड रिवीजन समझौता को लेकर जमकर हंगामा हुआ. ग्रेड रिवीजन समझौता के तीन माह बाद भी कमेटी मेंबरों में काफी गुस्सा देखा गया. इस दौरान अध्यक्ष आर रवि प्रसाद और उनकी टीम के खिलाफ काफी गुस्सा देखने को मिला. यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद को कड़ी चुनौती कमेटी मीटिंग के दौरान मिली. हालांकि, ग्रेड रिवीजन समझौता के मुद्दे पर यूनियन के महामंत्री सतीश सिंह ने अध्यक्ष का साथ नहीं दिया जबकि डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय ने ग्रेड रिवीजन समझौता को बेहतर बताया जबकि महामंत्री सतीश सिंह ने कहा कि वे ग्रेड रिवीजन समझौता को लेकर अध्यक्ष आर रवि प्रसाद का समर्थन कोक प्लांट के आरसी झा ने किया जबकि श्रीनिवास राव ने भी उनका समर्थन किया.

कमेटी मेंबरों ने दिखायी मुखरता, अध्यक्ष को दी चुनौती, एनएस ग्रेड का मुद्दा ज्यादा तेज उठा
कमेटी मीटिंग के दौरान कमेटी मेंबर संजीव तिवारी ने सबसे पहले अध्यक्ष आर रवि प्रसाद को घेरा. संजीव तिवारी के आने के पहले एकाउंटस को लेकर पूर्व डिप्टी प्रेसिडेंट संजीव चौधरी टुन्नु ने अध्यक्ष को घेरा. उनके साथ सीआरएम के कमेटी मेंबर एके गुप्ता भी नजर आये. संजीव तिवारी ने अध्यक्ष पर सीधे तौर पर हमला बोला और कहा कि कमेटी मेंबरों और कर्मचारियों को सिर्फ बेवकूफ बनाया गया है. श्री तिवारी ने कहा कि वे लोग चमचा नहीं है कि जो बोलेंगे, वहीं मान लेंगे. गलत समझौता किया है और इसका हर स्तर पर विरोध होगा. इसी तरह प्रदीप पाठक ने कहा कि एनएस ग्रेड का डीए बढ़ाने का वादा किया गया था, लेकिन यह वादा भी पूरा नहीं किया गया. अंतत: एनएस ग्रेड को काफी नुकसान पहुंचाया गया. एलडी 3 के विकास दास ने कहा कि महाफालतू ग्रेड रिवीजन समझौता हुआ है. इससे कर्मचारियों का काफी अहित हुआ है और आने वाला भविष्य भी अध्यक्ष को माफ नहीं करेगा. सिंटर प्लांट के धाकड़ कमेटी मेंबर संतोष पांडेय ने कहा कि 45 बार मीटिंग करने की जानकारी दी गयी थी. लेकिन जब समझौता हुआ तो ऐसा कभी नहीं लगा कि 45 बार कमेटी मीटिंग भी हुआ है. इस मामले पर उन्होंने सारे ग्यारह ऑफिस बियरर को संतोष पांडेय ने कठघरे में खड़ा किया. कमेटी मेंबर संतोष सिंह ने कहा कि मजदूरों का अहित कर अध्यक्ष खुद पीठ थपथपा रहे है. एलाउंस को बेसिक में जोड़कर बताया जा रहा है कि ग्रॉस इतना बढ़ा है जबकि कोई लाभ नहीं हुआ है. स्कूल का फीस खत्म कर पेमेंट स्लिप में इसको दिखाया जा रहा है, इससे इनकम टैक्स भी लगने लगा है. फायर ब्रिगेड के कमेटी मेंबर आशीष सिंह ने कहा कि पहले जब कलिंगानगर में ग्रेड रिवीजन समझौता हुआ था, तब यह कहा गया था कि कलिंगानगर से बेहतर ग्रेड करना चाहते है, इस कारण ग्रेड रिवीजन समझौता में काफी देर हो रही है, लेकिन उससे देर भी हुआ और उससे खराब भी समझौता जमशेदपुर में यूनियन ने कर दिया. टाटा वर्कर्स यूनियन के पूर्व डिप्टी प्रेसिडेंट संजीव चौधरी टुन्नु ने इस दौरान सबसे बड़ा हमला अध्यक्ष आर रवि प्रसाद पर बोला. उन्होंने कहा कि यह परंपरा रही है कि अध्यक्ष समझौता करने के पहले हाउस को बताता है कि क्या प्रस्ताव है और क्या होता है क्योंकि यह कर्मचारियों के भविष्य से संबंधित फैसले होते है. लेकिन इसको भी दरकिनार कर दिया गया और हाउस की अनदेखी कर दी गयी. उन्होंने कहा कि यह घटिया समझौता खराब लीडरशिप यानी अध्यक्ष आर रवि प्रसाद के कारण हुआ है. जब घटिया समझौता होता है तो कमेटी मेंबरों को या तो ”मैनेज” करने की कोशिश होती है या धमकाया जाता है, जो सरासर गलत है. उन्होंने मंच से ही चुनौती दी कि ग्रेड रिवीजन कैसे बेहतर हुआ है, जिसके लिए वे बहस करने को तैयार है, लेकिन कोई भी पदाधिकारी िसके लिए सामने नहीं आ सका. इस दौरान कमेटी मेंबर संजय सिंह ने भी कहा कि ग्रेड रिवीजन को लेकर हमेशा झूठ बोला गया है. अब तक कमेटी मेंबरों को हस्ताक्षरित समझौता पत्र भी नहीं दिया गया है, जिस कारण यह अंदेशा है कि कुछ अंदरखाने गत समझौता किया गया हो और कमेटी मेंबरों को बताया नहीं जा रहा हो. इस दौरान एनएस ग्रेड को लेकर घटिया समझौता करने का आरोप भी लगाया गया. सीआरएम के चार साल का इंक्रीमेंट नहीं दिलाने के लिए एसोसिएट्स कल्चर के सीआरएम के कमेटी मेंबर दिनेश्वर ने मुद्दा को उठाया औ कहा कि एसोसिएट्स कल्चर के ऑफिस बियरर चुप्पी साधे हुए है, जो गलत है. इस दौरान अध्यक्ष आर रवि प्रसाद ने कहा कि मैनेजमेंट से काफी लड़कर इस समझौता को बेहतर करने की कोशिश की है. मैनेजमेंट देने को कहा तैयार था. इस दौरान उन्होंने स्कूल की सब्सिडी समेत कुछेक मुद्दे को अपनी उपलब्धि बताने की कोशिश की. सुबपह नौ बजे से लेकर दोपहर ढाई बजे तक यह कमेटी मीटिंग चला, जिसमें जमकर हंगामा हुआ.







