
जमशेदपुर : टाटा स्टील ने गुरुवार को वित्तीय वर्ष 2021-2022 के दूसरे तिमाही का परिणाम जारी किया गया. टाटा स्टील का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में साढ़े सात गुणा बढ़कर 12,547.70 करोड़ रुपये हो गया. आय में वृद्धि से कंपनी का लाभ बढ़ा है. टाटा स्टील ने शेयर बाजार को बताया कि इससे पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 1,665.07 करोड़ रुपये था. कंपनी की कुल आय तीस सितंबर, 2021 को समाप्त तिमाही में बढ़कर 60,553.63 करोड़ रुपये हो गयी, जो एक साल पहले की इसी तिमाही के दौरान 39,157.79 करोड़ रुपये थी. तिमाही के दौरान कंपनी का कुल खर्च 47,135.28 करोड़ रुपये रहा, एक साल पहले की इसी अवधि में यह 37,000.28 करोड़ रुपये था. टाटा स्टील विश्व की शीर्ष इस्पात कंपनियों में एक है और सालाना 3.3 करोड़ टन कच्चे इस्पात का उत्पादन करती है. समेकित समायोजित ईबीआइटीडीए तिमाही से तिमाही 12 प्रतिशत बढ़कर 17,810 रुपये हो गया है. समेकित लाभ तिमाही से तिमाही 28 प्रतिशत पर पहुंचा गया है और सालाना से सालाना साढ़े सात गुणा बढ़ोतरी दर्ज करते हुए 12548 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है.
कर्ज में आयी कमी :
कंपनी ने चालू वित्तीय वर्ष के अर्द्धवार्षिक में 11,424 करोड़ रुपये का पुनर्भुगतान के साथ सकल ऋण घटकर 78,163 करोड़ हो गया है. शुद्ध कर्ज घटकर 68,860 करोड़ रुपये रह गया. कौशिक चटर्जी ने बताया कि भारतीय कच्चे इस्पात का उत्पादन तिमाही से तिमाही 2.2 प्रतिशत और 3.1 प्रतिशत सालाना से सालाना से बढ़कर 4.73 मिलियन टन हो गया. मौसम की कमजोरी बाजार की मांग में कमी के बावजूद भारत में कुल डिलीवरी 11 प्रतिशत तिमाही दर तिमाही से बढ़कर 4.58 मिलियन टन हो गयी है. ऑटोमोटिव सेगमेंट की बिक्री में 18 प्रतिशत की वृद्धि तिमाही से तिमाही दर्ज हुई है.
लांग प्रोडक्ट ने 302 करोड़ समेकित इस तिमाही में किया दर्ज :
टाटा स्टील स्टैंडअलोन ने चालू वित्तीय की दूसरी तिमाही में 4 प्रतिशत तिमाही से तिमाही और 2.3 गुणा सालाला से सालाना वृद्धि के साथ 13,574 करोड़ रुपये पर अब तक का उच्चतम तिमाही समेकित समायोजित दर्ज किया. टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट्स ने 302 करोड़ रुपये का तिमाही समेकित दर्ज किया. टाटा स्टील ने नैटस्टील होल्डिंग्स सिंगापुर ने अपनी शत प्रतिशत हिस्सेदारी का विनिवेश पूरा कर लिया है. टाटा स्टील बीएसएल के टाटा स्टील के साथ विलय को एनसीएलटी, मुंबई बेंच द्वारा अनुमोदित किया गया है. टाटा स्टील आईजुमइडेन में हाइड्रोजन मार्ग का अनुसरण कर रही है और एक विस्तृत मूल्यांकन चल रहा है. इसमें डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन (डीआरआइ) तकनीक की शुरुआत शामिल है जो स्टील में परिवर्तित होने से पहले प्राकृतिक गैस या हाइड्रोजन का उपयोग करके लोहा बना सकती है.
टीवी नरेंद्रन ने कहा :
टाटा स्टील के ग्लोबल सीईओ एंड एमडी टीवी नरेंद्रन ने इस परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि टाटा स्टील ने मौसमी के कारण कमजोर पड़े बाजार के बावजूद इस तिमाही ने मजबूत परिणाम दिये हैं. बाजार की मांग में कमी के बावजूद भारत में हमारी स्टील का डिलीवरी में 11 प्रतिशत का विस्तार हुआ जो हमारी बाजार पर पकड़ का प्रमाण है. हम अपने चुने हुए सेगमेंट में मूल्य वृद्धि को बढ़ावा देना जारी रखते हुए और सेमीकंडक्टर की कमी से प्रभावित होने के बावजूद ऑटो जैसे प्रमुख क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन रहा. हमारे यूरोपीय परिचालनों ने भी प्राप्तियों में मजबूत सुधार के आधार पर मजबूत प्रदर्शन दिया है. हम आगे बढ़ने वाले मार्जिन के लिए प्रमुख जोखिमों के रूप में कोयले की ऊंची कीमतों और उच्च ऊर्जा लागत के प्रति सतर्क हैं. एमडी ने कहा कि हमने अपनी स्थिरता यात्रा में एक और कदम बढ़ाया है और जमशेदपुर में 5 टीपीडी सीओ2 कैप्चर प्लांट चालू किया. भारत में पहली बार किसी स्टील कंपनी द्वारा ब्लास्ट फर्नेस गैस से सीधे सीओ2 निकालने का यह प्रयास है. पिलेट प्लांट और सीआरएम कॉम्प्लेक्स सहित 5 एमटीपीए टीएसके दूसरे चरण का विस्तार अच्छी तरह से प्रगति कर रहा है और टाटा स्टील बीएसएल का टाटा स्टील के साथ विलय शीघ्र ही पूरा हो जायेगा.











