जमशेदपुर : जमशेदपुर के मानगो डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत 135 होमगार्ड जवानों को हटाकर उनके स्थान पर पूर्व सैनिकों को प्रतिनियुक्त करने की सूचना से होमगार्ड जवानों में आक्रोश है. जवानों का कहना है कि राज्य सरकार के गृह विभाग ने अप्रैल 2021 में स्पष्ट निर्देश जारी किया था कि सरकारी विभागों में सुरक्षा कार्य के लिए निजी सुरक्षा गार्डों के बजाय गृह रक्षकों को ही प्रतिनियुक्त किया जाए. इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से होमगार्ड जवानों को हटाने की सूचना सामने आने से उनकी चिंता बढ़ गई है. बताया जाता है कि होमगार्ड जवानों के 7 सूत्री अधिकार और प्रतिनियुक्ति से जुड़े मुद्दों को लेकर करीब डेढ़ माह तक रांची में राज्यस्तरीय आंदोलन चला था. इसके बाद गृह विभाग की ओर से 12 अप्रैल 2021 को पत्रांक संख्या 07/हो०गा० (स्था०)-05/13 के तहत आदेश जारी किया गया था. तत्कालीन सरकार के संयुक्त सचिव सतीश कुमार के हस्ताक्षर से जारी पत्र सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों, सचिवों, विभागाध्यक्षों, आयुक्तों और उपायुक्तों को भेजा गया था. पत्र में स्पष्ट कहा गया था कि राज्य सरकार के किसी भी विभाग में सुरक्षा कार्य के लिए निजी सुरक्षा गार्ड नहीं लगाए जाएं. (नीचे भी पढ़ें)
आवश्यकता के अनुसार गृह रक्षकों को प्रतिनियुक्त कर सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी जाए. अब एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कार्यरत 135 होमगार्ड जवानों को हटाकर पूर्व सैनिकों को तैनात करने की सूचना के बाद गृह विभाग के इस आदेश के अनुपालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं. जवानों के समक्ष रोजगार और भविष्य को लेकर भी चिंता पैदा हो गई है. सूत्रों के मुताबिक होमगार्ड जवानों द्वारा आगामी रविवार को साकची में एक जिला स्तरीय बैठक आहूत की गई है जिसमें आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी. इसके तहत पहले चरण में एक प्रतिनिधिमंडल सत्ताधारी दल झामुमो के नेताओं से मिलकर अपनी बातों को रखेंगे उसके बाद अगली रणनीति तय की जाएगी.





