
जमशेदपुर : आयकर कर्मचारी महासंघ, दिल्ली मुख्यालय और पटना राज्य मुख्यालय द्वारा 10 सूत्री मांगों के समर्थन में आहूत एक दिवसीय हड़ताल का जमशेदपुर आयकर कर्मचारी महासंघ ने भी समर्थन किया तथा बुधवार को सुबह नौ बजे से सीएच एरिया कार्यालय में एकत्रित होकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान जमशेदपुर स्थित चारों कार्यालयों में काम-काज बाधित रहा। जमशेदपुर के ग्रुप सी और डी के लगभग 85 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। हड़ताल का नेतृत्व महासंघ के जमशेदपुर शाखा के सचिव अविनाश कुमार और अध्यक्ष नरेंद्र कर्ण ने किया। हड़ताल को सफल बनाने में बिहार-झारखण्ड प्रदेश उपाध्यक्ष व संगठन सचिव मनोज कुमार और संतोष कुमार चौबे का सराहनीय सहयोग रहा। महासंघ की वित्त सचिव नीलिमा भगत, जमशेदपुर पूर्व सचिव प्रवीण चौहान व मनोज सिन्हा समेत अन्य ने हड़ताल को सफल बनाने में बड़ा योगदान किया। संगठन सचिव, बिहार एंड झारखंड संतोष चौबे ने कहा कि हमारी मांगें कर्मचारी हित से सम्बंधित हैं और उसका प्रतिवेदन पिछले 12 अक्टूबर को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड को हमारी केंद्रीय शाखा द्वारा दिया गया था जिस पर कोई कार्रवाही नहीं हुई. तब 8 जनवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया। उन्होंने कहा कि अन्य ट्रेड यूनियंस के द्वारा आहूत हड़ताल की मांगो में से सिर्फ निम्नलिखित दस सूत्री मांगो का आयकर कर्मचारी महासंघ ने समर्थन किया है, जो मांगे पूरी तरह से कर्मचारी हित से सम्बंधित हैं। इसलिए अपनी मांगो के समर्थन में आयकर विभाग के सभी कर्मचारी पूरे दिन हड़ताल पर रहे और सीएच एरिया कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किए। प्रमुख रूप से सुनील कुमार, अजित कुमार, बलराम हांसदा, अनीता कुमारी, संतोष राय, रामजी विश्वकर्मा, विपिन सिंह, प्रीतम सिंह, बलिराम मंडल, सुरेश पंडित, राजेश श्रीवास्तव, अनुभव मिश्र, सुमित कुमार, मनीष कुमार, राजू रजक, पंकज कुमार, अमित कुमार, शशि कुमार, रंजन कुमार, नितेश श्रीवास्तव, चन्दन मिश्रा, महेंद्र राणा, उत्पल कान्त, रंजय कुमार, चैतन्य किस्कू, निरंजन कुमार, एन के मुंडा, सचिन कुमार समेत अन्य कर्मचारियों का हड़ताल को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा।
महासंघ की मांगें
- पुरानी पेंशन स्कीम को पुनः लागू करना। 2004 के बाद पुरानी पेंशन स्कीम बंद की जा चुकी है।
- सातवें वेतन आयोग का फिटमेंट फार्मूला लागू करना और न्यूनतम वेतन 21000 रुपये लागू करना।
- सभी मृत अधिकारी व कर्मचारी के आश्रितों को अनुकंपा पर नौकरी देना, अनुकंपा नौकरी पर लगायी गयी सीलिंग हटाना।
- केंद्रीय कार्यालयों में खाली पदों को तत्काल प्रभाव से भरना।
- काम से कम पांच प्रोन्नति सभी कर्मचारियों को जीवन काल में मिले, ऐसा सुनिश्चित करना।
- वर्षो से काम कर रहे आकाश्मिक और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को स्थायी करना।
- एक सामान पद के लिए एक सामान वेतन का निर्धारण करना।
- 56जे सेक्शन के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को हटाने की प्रक्रिया को समाप्त करना।
- केंद्रीय विभाग को निजीकरण से बचाना और निजीकरण पर रोक लगाना।
- केंद्रीय कार्यों को ठेकेदार को देने पर रोक लगाना।







