
चाईबासा : जगन्नाथपुर थाना अंतर्गत जैंतगढ़ के दिलीप नायक अपहरण कांड में नया मोड़ आ गया है. इस मामले में उस वक्त पुलिस की निष्क्रियता सामने आयी, जब पीड़ित दिलीप नायक ने खुद दो आरोपियों को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया. यह जान कर सभी को निश्चित तौर पर हैरानी होगी कि अपहृत व्यक्ति ने ही अपहरणकर्ताओं को कैसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया. लेकिन यह सच है. पिछले दिनों बाजार हाट जैंतगढ़ से सरेआम अज्ञात अपराधियों द्वारा दलपोसी निवासी दिलीप नायक को अगवा कर लिया गया था. करीब एक माह के बाद जब जगन्नाथपुर पुलिस अपरहणकर्ता को पकड़ नहीं पायी, तो पिछले दिनों स्वंय पीड़ित दिलीप ने खुद मोटू महतो उर्फ कमलाकांत महतो व उदयनाथ महतो को पकड़ कर जैंतगढ़ पुलिस चौकी में सौंप दिया. इधर जगन्नाथपुर थाना प्रभारी देवसाय भगत को सूचना मिली तो जैंतगढ़ ओपी से दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार थाना ले गये. ज्ञात हो कि इस चर्चित अपहरण कांड में नया ट्विस्ट आ गया है. अपहृत व्यक्ति ने खुद अपहरणकर्ताओं को पकड़ कर पुलिस की निष्क्रियता की पोल को खोल दी है. महीना भर से जैंतगढ़ के लिए सनसनी मचाने वाले हॉट न्यूज मे नया मोड तब आया जब अपराधी बेखौफ होकर खुल्लम खुला घूमने लगे. पीड़ित दिलीप नायक को इतना डराया गया कि वह घर से भाग कर ओड़िशा में छुप गया. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दिलीप अपहरण कांड मे कुछ स्थानीय सफेदपोश लोगों का हाथ है. उन्होंने साम, दाम, दण्ड, भेद सब का सहारा लेकर दिलीप को खूब धमकाया. मरता क्या नहीं करता की स्थिति उसके समक्ष उत्पन्न हो गयी, तब दिलीप ने ही पुलिस की उदासीनता से मायूस होकर आपना बचाव करने की ठान ली और बेखौफ घूम रहे दो नामजद अपराधियों को धर दबोचा. उन्हें खुद जैंतगढ़ आउट पोस्ट के हवाले कर दिया. खबर पाकर जगन्नाथपुर के थाना प्रभारी देवसाय भगत मौके पर पहुंचे और दोनों अपराधियों को जगन्नाथपुर ले गये. (नीचे भी पढ़ें)
क्या है मामला
आज से लगभग तीन सप्ताह पहले जैंतगढ़ शनिवार साप्ताहिक हाट से दलपोसी निवासी दिलीप नायक को 4-5 अपराधियों ने किडनेप कर लिया था. उसे वे काले रंग की बोलरों से अज्ञात जगह पर हत्या करने की नीयत से ले गए थे. लेकिन घटना का वीडियो वायरल होने और अपहरण में प्रयुक्त बॉलरों पुलिस द्वारा जब्त किय जाने के कारण अपराधियों ने दिलीप को बुरी तरह मार पीटकर जख्मी करके छोड़ दिया. उसके बाद दिलीप को बराबर आतंकित करते रहे. डर के मारे दिलीप एक सप्ताह तक प्राथमिकी दर्ज नहीं कर पाया. फिर दिलीप ने हिम्मत जुटा कर प्राथमिकी दर्ज करवायी, जिसमें दस लोगों को नामजद अभियुक्त बनाते हुए उसने पुलिस से न्याय व सुरक्षा की गुहार लगाई. बताया जाता है कि प्राथमिकी दर्ज कराये जाने के बाद भी पुलिस इस मामले में तनिक भी गंभीर नहीं थी. नामजद अभियुक्त रोज खुलेआम घूमते और आतंक मचा रहे थे. तब दिलीप ने खुद उन्हे पकड़ कर पुलिस के हवाले किया. मोटू महतो उर्फ कमलाकांत महतो बारला का रहने वाला है और उदयनाथ महतो ब्रहमणपोसी थाना घाघरबेड़ा का रहने वाला है. दोनों को गिरफ्तार किया गया है. (नीचे भी पढ़ें)
क्या कहते हैं पूर्व विधायक
पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा ने कहा कि पुलिस कि इस मामले में विफलता साबित हुई है, पीड़ित ने धमकी के बावजूद अपराधियों को खुद पकड़ कर पुलिस के हवाले किया. इस खेल के मास्टरमाइंड और साजिशकर्ता को गिरफ्तार करने के साथ ही पुलिस दिलीप को सुरक्षा दे. जैंतगढ़ से अपराध को मिटाना है तो साजिशकर्ता को सामने लाना होगा. उसके खिलाफ कड़ी करवाई करनी होगी.












