
नई दिल्ली: शिवसेना सांसद संजय राउत ने ट्वीट कर बड़ी जानकारी दी है. उन्होंने गायिका लता मंगेशकर के निधन होने की जानकारी दी है. बीते दिन उनका स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें दोबारा वेंटिलेटर पर रखा गया था और वह लगातार चिकित्सकों की निगरानी में थीं. लता (92) को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद आठ जनवरी को ब्रीच कैंडी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था, जहां डॉ प्रतीत समदानी और चिकित्सकों की टीम की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था. इस दौरान उन्हें कई बार जनरल वार्ड और आईसीयू में रखा गया. हाल में उन्हें आईसीयू से शिफ्ट कर दिया गया था, लेकिन आज सुबह से ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया.
लता मंगेशकर को कोरोना से संक्रमित और निमोनिया होने पर 8 जनवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लता मंगेशकर का इलाज कर रहे डॉक्टर प्रतीत समधानी और उनकी टीम लगातार स्वर कोकिला के हेल्थ पर नजरें बनाए हुए थे और उनके ट्रीटमेंट करने में लगातार जुटे हुए थे. (नीचे भी पढ़ें)
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट किया और कहा, नितिन गडकरी देश की शान और संगीत जगत की शिरमोर स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर जी का निधन बहुत ही दुखद है. पुण्यात्मा को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि. उनका जाना देश के लिए अपूरणीय क्षति है। वे सभी संगीत साधकों के लिए सदैव प्रेरणा थी. भारतीय सिनेमा के महान पार्श्व गायकों में से एक के रूप में, लता मंगेशकर ने साल 1942 में 13 साल की उम्र में अपना करियर शुरू किया और विभिन्न भारतीय भाषाओं में 30,000 से अधिक गाने गाए हैं. अपने सात दशक से अधिक के करियर में उन्होंने ‘अजीब दास्तान है ये’, ‘प्यार किया तो डरना क्या’, ‘नीला आसमां सो गया’ और ‘तेरे लिए’ जैसे कई यादगार ट्रैक्स को अपनी आवाज दी है.




