जमशेदपुर : दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन शहर में आयोजित दो दिवसीय मिड टर्म कांफ्रेंस में इंटरनेशनल मेटल फेडरेशन के महासचिव सह जुस्को श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय और इंटक के राष्ट्रीय महासचिव संजय सिंह शामिल हुए. इस कांफ्रेंस में रघुनाथ पांडेय ने असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों का मुद्दा उठाया. उन्होंने यहां बताया कि 93 फीसदी कर्मचारी असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे है जबकि 7 फीसदी ही स्थायी तौर पर नौकरी में है. असंगठित क्षेत्र में कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा और वैधानिक अधिकार नहीं मिल रहा है. वर्तमान की सरकार श्रम कानून को कमजोर कर रही है. 44 श्रम कानून को 4 कानून में बदल रही है, यह एक चुनौती है और गंभीर विषय भी है. (नीचे भी पढ़ें)
इस दौरान श्री पांडेय ने बताया कि कोरोना के बाद से महिलाएं और युवा ट्रेन यूनियन से जुड़ना नहीं चाहते है. ऐसे में इसकी संख्या को बढ़ाने के लिए अभियान चलाने की जरूरत है. इस दौरान यह बताया गया है कि टाटा स्टील ने एलजीबीटीक्यू प्लस और युवा कर्मचारियों को जोड़ने के लिए काम कर रही है. रघुनाथ पांडेय ने कहा कि टाटा स्टील ने करीब 40 फीसदी महिलाओंको रोजगार पर दिया है जबकि ट्रांसजेंडर को भी रोजगार दे चुकी है, इस तरह की पहल को हर जगह अपनाने की अपील की गयी.





