घाटशिला/जमशेदपुर : अंतर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद का 31वां स्थापना दिवस एग्रिको स्थित सुमन मेमोरियल ट्रस्ट के सभागार में मैथिली साहित्यकार मंच एवं अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषद, जमशेदपुर इकाई के संयुक्त तत्वावधान में पिछले दिनों समारोह पूर्वक संपन्न हुआ. समारोह में घाटशिला कॉलेज के प्राचार्य डा रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा संपादित पुस्तक ‘एकसं एक्कैस’ का लोकार्पण किया गया. पुस्तक के समीक्षा वक्तव्य में शिव कुमार झा टिल्लू ने कहा कि मैथिली में 112 पुस्तकों के रचयिता व साहित्य अकादमी सम्मान से सम्मानित जगदीश प्रसाद मंडल की 1000 से अधिक कथाएं प्रकाशित हैं. उनमें से सर्वाधिक चर्चित 21 कथाओं को इस पुस्तक में संग्रहित किया गया है. ग्रामीण, खेतिहर वर्ग के लेखक के इन कथाओं को संग्रहित कर मैथिली के आम पाठकों के बीच लाकर डॉ चौधरी ने सराहनीय कार्य किया है.(नीचे भी पढे)

समारोह में पुस्तक लोकार्पण के बाद अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषद, जमशेदपुर की नई कमेटी की औपचारिक घोषणा डॉ अशोक अविचल ने किया. इसमें अंतर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर धनाकर ठाकुर द्वारा घोषित सूची को पढ़ प्रस्तुत किया गया. इसमें अशोक कुमार दास को अध्यक्ष, कमल कांत झा एवं अगम कुमार झा को उपाध्यक्ष, विपिन झा को महासचिव तथा कृष्णा कामत को सचिव बनाया गया. पुनर्गठित कमेटी के सभी नव चयनित अधिकारियों को माला पहनाकर अभिनंदन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता मैथिली साहित्यकार मंच के अध्यक्ष डॉ अशोक अविचल ने किया. वही स्वागत भाषण अशोक दास ने किया. परिषद के प्रदेश सचिव पंकज झा ने परिषद के कार्यकलाप का विवरण प्रस्तुत किया. सुमन मेमोरियल ट्रस्ट के निदेशक व समाजसेवी एमसी मधुकर ने समारोह की महत्व पर प्रकाश डाला. नीलांबर चौधरी ने भगवती वंदना प्रस्तुत किया. संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन मैथिली साहित्यकार मंच के महासचिव डा रवीन्द्र कुमार चौधरी ने करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषद की स्थापना 20 जून 1993 को रांची के मेकन हॉस्पिटल में प्रसिद्ध चिकित्सक रहे डॉ धनाकर ठाकुर द्वारा किया गया था.(नीचे भी पढे)
वर्तमान में इस परिषद का विस्तार पूरे भारत एवं नेपाल में है. इस परिषद द्वारा अब तक 32 अन्तरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन का आयोजन किया जा चुका है. उसके बाद डा अशोक अविचल की अध्यक्षता में प्रारंभ हुआ कवि सम्मेलन. कवि सम्मेलन में श्यामल सुमन, शिव कुमार टिल्लू, कुसुम ठाकुर, अरुणा झा, रूपम झा, नूतन झा, अशोक पाठक स्नेही, विवेकानंद झा विभु, गोपाल चंद्र झा, नीलांबर चौधरी, विश्व नारायण शिल्पी, गुंजन झा ने सस्वर कविता पाठ कर श्रोताओं को खूब झुमाया. कवि सम्मेलन में सभी-कवि एवं कवित्रियों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया. कवि सम्मेलन का संचालन व धन्यवाद ज्ञापन डा रवीन्द्र कुमार चौधरी ने किया. इस मौके पर मिथिला सांस्कृतिक परिषद, परमहंस लक्ष्मीनाथ गोस्वामी कल्याण समिति, ललित नारायण मिश्र सांस्कारिक एवं सामाजिक कल्याण समिति के अध्यक्ष, महासचिव, पदाधिकारी गण, शहर के गणमान्य मैथिल समेत अन्य लोग मौजूद थे.





