
जमशेदपुर : कोरोना के संक्रमण के बीच टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन की अध्यक्षता में कंपनी का 113वां वार्षिक आमसभा (एजीएम) आयोजित किया गया. इस आमसभा में टाटा स्टील के एमडी समेत तमाम लोग मौजूद थे. टाटा स्टील के इतिहास में यह ऑनलाइन एजीएम संपन्न हुआ, जिसमें काफी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया. बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के तौर पर एन चंद्रशेखरन को फिर से मंजूरी दी गयी. इस दौरान 589 शेयरधारकों ने ऑनलाइन हिस्सा लिया जबकि यूनियन की ओर से अध्यक्ष आर रवि प्रसाद, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय के अलावा टिस्को मजदूर यूनियन के अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय ने हिस्सा लिया. इस आमसभा में सभी शेयरधारकों को 10 रुपये का डिविडेंड देने को मंजूरी दी गयी जबकि पिछले बार 13 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से डिविडेंड दिया गया था. लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए यह कदम उठाया गया. इस दौरान कोरोना के दौरान टाटा स्टील के कर्मचारियों, अधिकारियों और अन्य लोगों के लिए अलग से कोविड फंड बनाने की भी मांग की गयी. इस दौरान वार्षिक रिपोर्ट पेश किया गया, जिसको मंजूरी दे दी गयी. इसके अलावा सभी के वेतनमान और कमीशन को भी मंजूरी दी गयी. इस दौरान लोगों ने टाटा स्टील के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन और एमडी टीवी नरेंद्रन को यूरोप की अधिग्रहित कंपनी कोरस को वापस बेचने की मांग उठायी, जिसमें यह कहा गया कि कोरस (अभी टाटा स्टील यूरोप) को लेकर अभी बातचीत की जा रही है. इसको जरूर बेचना कंपनी चाहती है, लेकिन इसका डील फाइनल नहीं हो पाया है. इस दौरान लोगों ने सवाल पूछा कि भूषण स्टील और उषा मार्टिन का अधिग्रहण के बाद क्या हालात है, इस पर एमडी और चेयरमैन ने रिपोर्ट पेश की और बताया कि आने वाले चार सालों में जरूर भूषण स्टील और उषा मार्टिन सबसे उत्कृष्ट कंपनियों में शामिल हो जायेगी. इस दौरान यूनियन के प्रति भी आभार जताया गया कि औद्योगिक सौहार्द को बनाये रखने में उनकी भूमिका काफी अहम है. इस दौरान चेयरमैन और टाटा स्टील के एमडी ने बताया कि वर्तमान में चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल और मई माह काफी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उसके बाद जून, जुलाई के बाद से हालात और बेहतर होते जा रहे है, जिसमें और सुधार होने की उम्मीद है.






