रामगोपाल जेना/चाईबासा : सारंडा के तिरिलपोसी में मंगलवार देर शाम नक्सलियों द्वारा लगाए गए आइईडी की चपेट में आकर दो ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों की पहचान तिरिलपोसी गांव निवासी सलाई चेरवा एवं जयसिंह चेरवा के रूप में की गई है. घटना के बाद पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल है. (नीचे भी पढ़ें)
मिली जानकारी के अनुसार सारंडा के घने जंगलों में नक्सलियों द्वारा सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जगह-जगह आइईडी बिछा रखऱे हैं. दुर्भाग्यवश, इसकी चपेट में निर्दोष ग्रामीण आ रहे हैं. मंगलवार को दोनों ग्रामीण तिरिलपोसी गांव से करीब पांच किलोमीटर दूर जंगल क्षेत्र में फूल तोड़ने गए थे, इसी दौरान वे जमीन में पहले से लगे आइईडी की चपेट में आ गए और आइईडी में विस्फोट होने के कारण दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए. (नीचे भी पढ़ें)
ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा पहले ही जंगलों में आइईडी लगाए जाने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन क्षेत्र के अधिकांश ग्रामीण रोजी-रोटी के लिए जंगलों पर ही निर्भर हैं. ऐसे में जान का खतरा होने के बावजूद उन्हें जंगल जाना पड़ता है. घटना के बाद वन क्षेत्र के दुर्गम और अंदरूनी इलाकों में होने के कारण देर शाम तक घायलों को तिरिलपोसी गांव नहीं लाया जा सका. ग्रामीणों में भय इस कदर है कि लोग जंगल की ओर जाने से भी कतरा रहे हैं. सूचना मिलने के बाद प्रशासन एवं सुरक्षाबलों की सक्रियता बढ़ा दी गई है. क्षेत्र में सर्च अभियान तेज किए जाने की संभावना जताई जा रही है.








