जमशेदपुर : कोल्हान विश्वविद्यालय की छठी सीनेट बैठक कुलपति की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई. इस महत्वपूर्ण बैठक में वर्ष 2022 से लंबित विभिन्न विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई तथा सर्वसम्मति से अनेक प्रस्तावों को पारित किया गया. बैठक में माननीय विधायकगण सहित सीनेट के सभी सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही. विचार-विमर्श के उपरांत विश्वविद्यालय के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक सुदृढ़ीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिन्हें उपस्थित सभी सदस्यों ने समर्थन प्रदान किया. विशेष रूप से गैर-शैक्षणिक प्रतिनिधित्व के अंतर्गत सिंडिकेट के लिए विभिन्न कोटाओं से सदस्यों का चयन भी किया गया. कोल्हान विश्वविद्यालय सीनेट की बैठक आयोजित हुई जिसमे कुलपति डॉ अंजिला गुप्ता,सदस्य विधायक निरल पूर्ति (मझगांव), सबिता महतो (ईचागढ़), मंगल कालिंदी (जुगसलाई), सुखराम उरांव (चक्रधरपुर), सोमेश चंद्र सोरेन (घाटशिला) शामिल हुए. इसमें सामान्य कोटा से सोनू ठाकुर एवं राजेश शुक्ला को नामित किया गया. (नीचे भी पढ़ें)
इन नामों को सदन द्वारा सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया. बैठक के दौरान विश्वविद्यालय के विकास, प्रशासनिक सुधार एवं लंबित मुद्दों के समाधान को लेकर सकारात्मक और सार्थक चर्चा हुई. कुलपति ने सभी सदस्यों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए आशा व्यक्त की कि लिए गए निर्णयों से विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनेगी. कोल्हान विश्वविद्यालय सीनेट की बैठक में विधायक मंगल कालिंदी शामिल हुए. जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी ने 6 प्रमुख विषय को बैठक में रखा, जिसके तहत जुगसलाई विधानसभा के अंतर्गत आने वाले बोड़ाम क्षेत्र मे नव-निर्मित डिग्री कॉलेज में पठन- पाठन कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाए, ताकि स्थानीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हेतु बाहर न जाना पड़े. बोड़ाम क्षेत्र मे नव-निर्मित डिग्री कॉलेज इस डिग्री कॉलेज का नाम झारखण्ड राज्य के जननायक, परम आदरणीय स्वर्गीय शिबू सोरेन के नाम पर रखा जाए, जिससे क्षेत्र के युवाओं को प्रेरणा मिल सके. जमशेदपुर स्थित विश्वविद्यालय के शाखा कार्यालय से ही छात्रों को डिग्री, माइग्रेशन सर्टिफिकेट एवं प्रश्नपत्र आदि की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें चाईबासा जाने की आवश्यकता न पड़े. कोल्हान विश्वविद्यालय में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राष्ट्रस्तर पर स्वर्ण एवं रजत पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है किन्तु व्यावहारिक रूप से यह राशि खिलाड़ियों को प्राप्त नहीं हो रही है. उन्होंने निवेदन किया है कि इस प्रावधान को प्रभावी रूप से लागू करते हुए पात्र खिलाड़ियों को शीघ्र प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाए, ताकि खेल प्रतिभाओं को उचित सम्मान एवं प्रोत्साहन मिल सके. कोल्हान विश्वविद्यालय द्वारा कई महाविद्यालयों में पाठ्यक्रम पूर्ण कराए बिना ही परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों के परिणाम पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. यह स्थिति शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़ा करती है. विश्वविद्यालय यह सुनिश्चित करे कि सभी महाविद्यालयों में निर्धारित सिलेबस समय पर पूर्ण कराया जाए, उसके पश्चात ही परीक्षाएं आयोजित की जाएं. साथ ही, मूल्यांकन प्रक्रिया को भी पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाया जाए, ताकि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी प्रकार का समझौता न हो. (नीचे भी पढ़ें)
कोल्हान विश्वविद्यालय एवं इसके अधीनस्थ महाविद्यालयों में कार्यरत ऐसे शिक्षक, शिक्षिकाएँ, अधिकारी, पदाधिकारी एवं कर्मचारी जो तीन वर्षों से अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थापित हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से अन्य महाविद्यालयों में स्थानांतरित किया जाना आवश्यक है. दीर्घकाल तक एक ही स्थान पर पदस्थापना रहने से प्रशासनिक निष्पक्षता प्रभावित होती है तथा कार्यप्रणाली में मनमानी की संभावना बढ़ जाती है, जिससे शैक्षणिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.











