पटमदा : रूआर 2025 बैक टू स्कूल अभियान के तहत पटमदा स्थित प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय माचा में विद्यालय प्रबंधन समिति व सामाजिक संस्था निश्चय फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में मासिका महोत्सव का आयोजन किया गया. मासिकधर्म के प्रति शर्म झिझक माहवारी के प्रति समाज में व्याप्त रूढ़िवादी प्रथाओं से होने वाली परेशानियों के कारण भी कई बच्चियां स्कूल आना छोड़ देती है. महोत्सव के दौरान किशोरियों ने विद्यालय परिसर में विशेष रूप से महिला प्रजनन तंत्र रंगोली का निर्माण किया था, वही बच्चियों के द्वारा बनाई गई पेंटिंग की प्रदर्शनी भी लगाई गयी थी. इसके अलावा कई बालिकाओं ने अपने हाथों में मासिका महोत्सव मेंहदी भी रचाई थी. बाजार से सैनिटरी पैड खरीदने के बाद कई महिलाएं उसे छुपाकर घर लेकर आती है, इस शर्म को तोड़ने के लिए सैनिटरी पैड रेस का आयोजन किया गया. (नीचे भी पढ़ें)

पैड रेस में तीन सदस्यीय टीम में बालिकाओं की 6 टीमों ने हिस्सा लिया था, जिसमें रिंकू प्रमाणिक की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया, वही निशा सिंह की टीम ने द्वितीय और नेहा सिंह की टीम ने तृतीय स्थान हासिल किया. महोत्सव के दौरान कई बालिकाओं ने भाषण प्रतियोगिता में भी भाग लिया, वही रंगारंग सांस्कृतिक नृत्य व संगीत की प्रस्तुति दी. पैड रेस, चित्रांकन प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं को पटमदा के सर्किल ऑफिसर राजेंद्र कुमार दास, कल्याण पदाधिकारी अभय कुमार एवं चिकित्सा पदाधिकारी सी बेसरा ने सम्मानित कर हौसला बढ़ाया. अंडर 17 राज्य स्तरीय नेशनल योग ओलंपियाड 2025 के लिए चयनित होकर इलाके का मान बढ़ाने वाली विद्यालय की छात्रा आलोका रानी महतो को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया. सम्मानित अतिथियों ने अपने वक्तव्यों से उपस्थित बच्चियों व अभिभावकों को मार्गदर्शन दिया. वही शिक्षा व स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लगातार प्रयासों हेतु विद्यालय की प्रशंसा की. (नीचे भी पढ़ें)
महोत्सव के दौरान अतिथियों के द्वारा मासिका महोत्सव एक्टिविटी हैंडबुक का भी लोकार्पण किया गया, हैंडबुक में न्यूनतम संसाधनों के साथ समुदाय में माहवारी स्वच्छता को बढ़ाना देने हेतु गतिविधियों व रोचक खेलों का वर्णन किया गया है. इस दौरान प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय, माचा की प्राचार्या प्रियंका डॉ प्रियंका झा, प्रबंधन समिति की अध्यक्ष रूपा महतो, झारखंड के पैडमैन तरुण कुमार, आकाश महतो, चित्रकार प्रकाश बास्के, सितेश महतो प्रमुख रूप से उपस्थित थे. कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाएं धनंजय कुमार, कुमारी पूनम, अजित सिंह, माणिक व अन्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा. (नीचे भी पढ़ें)
बताते चले कि मासिका महोत्सव, मासिक धर्म से जुड़े टैबू को तोड़ने, मासिक धर्म से जुड़ी चर्चाओं को समाज का आम मुद्दा बनाने व संबंधित जागरूकता फैलाने हेतु एक वैश्विक अभियान है, जिसकी शुरुआत भारत से हुई है. मासिका महोत्सव को अब एशिया, यूरोप, उतरी अमरीका, दक्षिणी अमरीका महादेशों के कई देशों में फैले सैकड़ों सामाजिक संस्थाओं की सामाजिक भागीदारी से मनाया जाता है. महोत्सव के दौरान बिना किसी आर्थिक सहायता के स्थानीय संसाधनों व सामुदायिक भागीदारी से मासिक धर्म जागरूकता से जुड़ी सामुदायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाता है. झारखंड के पैडमैन के नाम से जाने जाने वाले निश्चय फाउंडेशन के संस्थापक तरुण कुमार को भी इस वर्ष महोत्सव के एडवाइजरी कमिटी में मनोनीत किया गया है.











