रामगोपाल जेना/चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त चंदन कुमार ने मंगलवार को कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा की. समीक्षा बैठक में आइटीडीए परियोजना निदेशक जयदीप तिग्गा एवं संलग्न पदाधिकारी उपस्थित रहे. बैठक में उपायुक्त ने कल्याण विभाग से संचालित प्री एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं, साइकिल वितरण योजना, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना, सरना / मसना / कब्रिस्तान / धुमकुड़िया निर्माण योजना के साथ ही वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत संपादित कार्यों से संबंधित प्रतिवेदनों की योजनावार समीक्षा की. (नीचे भी पढ़ें)

बैठक में उपायुक्त ने वित्त वर्ष 2024-25 में प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत जिले में कुल सरकारी विद्यालयों, निजी विद्यालयों एवं उक्त दोनों कोटि के विद्यालयों में छात्रवृत्ति की राशि से आच्छादित छात्र-छात्राओं से संबंधित पृथक-पृथक डाटा उपलब्ध कराने का निर्देश. इसके अलावा उन्होंने आइटीडीए परियोजना निदेशक को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत वित्त वर्ष 2024-25 में पोर्टल में प्राप्त आवेदनों का अविलंब सत्यापन करते हुए भुगतान की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया. (नीचे भी पढ़ें)
बैठक में प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत निष्क्रिय छात्र-छात्राओं से संबंधित प्रतिवेदन की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने जिला कल्याण पदाधिकारी को प्रभारी पदाधिकारी- यूआइडी एवं जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक- चाईबासा के साथ समन्वय स्थापित करते हुए संलग्न डाटा की जांच कर उचित कार्रवाई करने के साथ ही, छात्रवृत्ति प्रदान करने के पश्चात पेमेंट रिस्पांस फाइल का अनुश्रवण करने का भी निर्देश दिया, ताकि भुगतान लंबित होने के उल्लिखित कारणों का पता लगाकर उनका समाधान किया जा सके. बैठक के दौरान साइकिल वितरण योजना की समीक्षा के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में लक्ष्य के अनुरूप छात्र-छात्राओं को साइकिल का वितरण करने के पश्चात जिले में अवस्थित विभिन्न क्लस्टर में अवशेष साइकिल से संबंधित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने और वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आई साइकिलों के फिटिंग कार्य के पश्चात आपूर्तिकर्त्ता के माध्यम से क्लस्टर की साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिये. (नीचे भी पढ़ें)
बैठक में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत विगत तीन वित्तीय वर्षों में सहायता प्रदान किए गए लाभुकों को कितनी राशि का भुगतान किया गया, इससे संबंधित लाभुकों की प्रखंडवार सूची प्रस्तुत करने एवं सरना / मसना / कब्रिस्तान / धुमकुड़िया निर्माण योजना के क्रियान्वयन में लाभुक समिति की कार्य प्रणाली की जानकारी लेकर क्रियान्वयन के लिए लंबित ग्रामसभा एवं भूमि सत्यापन से संबंधित सभी पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर योजना को आगे बढ़ाने का निर्देश भी दिया.




