पटना: बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार की रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई. जाने-माने कारोबारी गोपाल खेमका की उनके ही घर के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह घटना गांधी मैदान थाना अंतर्गत रामगुलाम चौक स्थित अपार्टमेंट के बाहर रात करीब 11:30 बजे हुई. जानकारी के अनुसार,गोपाल खेमका बांकीपुर क्लब से लौटने के बाद जैसे ही अपनी कार से उतर रहे थे,तभी 2 बाइक सवार बदमाशों ने उनके सिर में गोली मार दी. गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े. परिजन उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मृतक के भाई शंकर खेमका ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने बताया कि गांधी मैदान थाना घटनास्थल से मात्र 300 मीटर की दूरी पर है, फिर भी पुलिस करीब 2 घंटे की देरी से मौके पर पहुंची. परिजनों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद समय पर मदद नहीं मिली.यह पहली बार नहीं है जब खेमका परिवार को निशाना बनाया गया हो. 20 दिसंबर 2018 को गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. (नीचे भी पढ़े)
उस वारदात की साजिश बेउर जेल से रची गई थी. घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी कार्तिकेय शर्मा, सिटी एसपी पप्पू यादव, फॉरेंसिक टीम और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने घटनास्थल से गोली का खोखा बरामद किया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं.घटना को लेकर सीएम नीतीश कुमार ने कानून-व्यवस्था को लेकर हाई लेवल बैठक की. उन्होंने यह बैठक की जिसमें बिहार के डीजीपी समेत सीनियर पुलिस पदाधिकारी शामिल रहे. सीएम ने इस दौरान पटना में बीती रात को कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या मामले के बारे में भी जानकारी ली. दोषियों की पहचान करके सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया. समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता विधि व्यवस्था है. अपराधी कोई भी हो,उसे बख्शा नहीं जाए. सीएम ने आपराधिक घटनाओं के अनुसंधान में भी तेजी लाने के निर्देश दिए. समय से जांच पूरी करने को कहा ताकि दोषियों पर कार्रवाई जल्द हो. सीएम ने निर्देश दिया कि कानून व्यवस्था को बनाये रखने के लिये पुलिस और प्रशासन पूरी मुश्तैदी से कार्य करें.











