जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन में पार्किंग को लेकर होने वाले विवाद को लेकर रेलवे प्रशासन ने चुप्पी साध ली है. जाहिर सी बात है कि इससे आम लोगों में डर का माहौल है. रेलवे पर ही सवाल उठ रहा है कि आखिर क्या पैसे की कमाई के लिए गुंडई करने की छूट रेलवे दे रहा है. हर दिन वहां मारपीट की घटना हो रही है. लोगों को धमकाया जा रहा है. स्टेशन परिसर में घुसने के वक्त पुरजा दिया जा रहा है. बताया जाता है कि रात के वक्त इस तरह की घटनाएं ज्यादा हो रही है कि यात्रियों पर दबाव बनाया जा रहा है. खास तौर पर महिला यात्री लेकर आने वाले लोगों के साथ तो हद ही कर दी जा रही है. कभी कभी तो लोगों से पांच सौ रुपये तक मांग लिये जा रहे है. इस दबंगई को रोकने की हिम्मत आरपीएफ और जीआरपी भी आखिर क्यों नहीं उठा रहा है, यह लोगों को समझ नहीं आ रह है. पार्किंग सेवा पहले से ही है. लेकिन नया ठेकेदार ने तो हद ही कर दी है. (नीचे भी पढ़ें)
मनमानी बोली से रेलवे तो मालामाल हो रहा है, लेकिन यह बड़ी समस्या बन चुकी है. राजीव राम इस ठेका कंपनी इन एंड आउट के मुख्य कर्ता धर्ता है, जो लगातार इस इलाके में अपना सल्तनत बनाने में लगा है. सुधीर दुबे गैंग के शूटर के तौर पर पहले जेल जा चुके राजीव राम की देखरेख में दबंगों की पूरी टीम स्टेशन परिसर में पार्किंग में लगातार दबिश बना रहे है. आम लोग सहमे हुए है और लोग डरे हुए है, रेलवे चुप है. इस पूरे मामले में सांसद की चुप्पी भी रहस्यमयी बनी हुई है. पिछले दिनों पोटका विधायक संजीव सरदार ने तो आवाज उठायी थी, लेकिन अब वह भी बंद हो चुकी है. जाहिर सी बात है कि दबाव हर किसी पर है और दबाव देकर आवाज दबाने की कोशिश हो रही है. लेकिन पीस तो आम जनता और आम यात्री ही रहे है.



