नई दिल्ली : अगले वर्ष 1 जनवरी से देश में व्हाट्सएप्प चलाने का तरीका बदल जाएगा. जी हां, इस दिन से दूरसंचार विभाग ऑनलाइन फ्रॉड और फर्जी अकाउंट्स पर नकेल कसने के लिए व्हाट्सएप्प एवं टेलीग्राम जैसे एप्स पर सिम-बाइंडिंग का नियम लागू करने जा रही है. इसका मतलब यह कि जिस नंबर से आप व्हाट्सएप्प चला रहे हैं, उसका सिम फोन में होना जरूरी होगा. सरकार ने इस नियम के पालन के लिए 31 दिसंबर 2026 तक का समय तय किया है. (नीचे भी पढ़ें)
रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार 1 जनवरी 2027 से व्हाट्सएप्प या टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप्स के लिए सिम-बाइंडिंग का नियम अनिवार्य कर रही है. इससे आप जिस नंबर से ये मैसेजिंग एप्प चलाएंगे उसका सिम फोन में होना जरूरी होगा. यह सभी एंड्रॉयड और आइफोन यूजर्स पर लागू होगा. कई लोग सिम किसी और फोन या डिवाइस में और व्हाट्सएप्प किसी दूसरे डिवाइस में एक्टिव रखते हैं. लेकिन अब इस तरह मैसेजिंग एप्स नहीं चल पाएंगे. रिपोर्ट्स के मुताबिक ऐपल ने भी अपने आइओएस में सितंबर में ऐसा सॉफ्टवेयर अपडेट दिया है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि आइफोन में सिम कार्ड मौजूद है या नहीं. दूर संचार विभाग ने 28 नवंबर 2025 को इसे लेकर शुरुआती निर्देश जारी किए थे और तभी सिम-बाइंडिंग के नियमों के तहत हर 6 घंटे में वेब सेशन से अपने आप लॉगआउट होने की सख्त शर्त रखी गई थी. (नीचे भी पढ़ें)
बाद में सरकार ने इस अनिवार्य लॉगआउट वाले नियम को वापस ले लिया. अब इसकी जगह रिस्क-बेस्ड सिस्टम लागू किया गया है, जिसका मतलब है कि संदिग्ध धोखाधड़ी दिखने पर ही तुरंत सर्विस बंद या लॉगआउट की जाएगी. ऐसे में अब 1 जनवरी से लागू होने जा रहे नियम के तहत आम यूजर्स को हर छह घंटे में वेब वर्जन से ऑटोमैटिक तौर पर लॉग-आउट नहीं किया जाएगा, लेकिन फोन में सिम कार्ड मौजूद रखने की शर्त पूरी तरह बरकरार रहेगी. यह व्यवस्था फिलहाल व्हाट्सएप्प और टेलीग्राम जैसे प्रमुख ऐप-आधारित कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म्स के लिए तय की गई है. वहीं सामने आई जानकारी के मुताबिक स्नैपचैट को इस सिम-बाइंडिंग व्यवस्था के दायरे से बाहर रखा गया है. (नीचे भी पढ़ें)
दूसरी तरफ सिग्नल एप्प की ओर से सरकारी नोटिस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. ऐसे में जो प्लेटफॉर्म्स इस दायरे में आते हैं, उन्हें तय सीमा के भीतर अपने पूरे सिस्टम को केवाइसी-वेरिफाइड सिम से जोड़ना अनिवार्य होगा. ऑनलाइन इस तरह की कई खबरें फैलाई जा रही हैं कि 1 जनवरी से फोन में व्हाट्सएप्प काम करना बंद कर देगा. असल में जनवरी की 1 तारीख को एक ऑपरेशनल शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि कंपनियों के लिए नियमों के अंतिम अनुपालन की आधिकारिक अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2026 तय है. समझना जरूरी है कि सरकार किसी खास फोन मॉडल पर रोक नहीं लगा रही है, बस इतना तय करना जरूरी होगा कि आपका अकाउंट जिस नंबर पर रजिस्टर्ड है, वह एक्टिव सिम कार्ड वेरिफिकेशन के लिए उसी डिवाइस में मौजूद रहे. सिम बाइंडिंग से आप पर सिर्फ इतना असर पड़ेगा कि जिस नंबर से आप अकाउंट चला रहे हैं, उसका सिम फोन में होना जरूरी होगा.





