मेदिनीनगर (पलामू) : पलामू के प्रसिद्ध व्यवसायी मेदिनीनगर शहरवासी विनोद उदयपुरी के पिता स्वर्गीय छट्ठू लाल उदयपुरी को सोमवार को पुरानी विधानसभा रांची उनके सामाजिक कार्यों के लिए झारखंड प्रदेश राजीव गांधी विचार समिति द्वारा पूर्व केंद्रीय गृह राज्य सूचना एवं प्रसारण खाद्य प्रसंस्करण व पर्यटन मंत्री, भारत सरकार सुबोधकांत के द्वारा सम्मानित किया गया. उनके सम्मान को ग्रहण करते हुए विनोद उदयपुरी की छोटी बहन रीमा उदयपुरी को सुखद अतुल्नीय अनुभूति हुई. (नीचे भी पढ़ें)

सामाजिक सेवा में कायम की नई मिसाल : स्वर्गीय छट्ठू लाल उदयपुरी का जन्म 15 नवंबर 1931 को डाल्टनगंज में हुआ था. उनके पिता का नाम स्वर्गीय कन्हैया लाल सेठ एवं माता का नाम स्वर्गीय गोमती देवी था. पूरे जीवन भर वे सामाजिक कार्यों में लगे रहे. 1964-65 के अकाल में श्री मारवाड़ी सार्वजनिक हिन्दी पुस्तकालय के सस्ती रोटी केंद्र का 24 घंटे संचालन कराया. पलामू की रिलीफ कमेटी में भी सुदूर गांवों में अकाल में सहायता पहुंचाई. इस कार्य के लिए तत्कालीन उपायुक्त सुरेश कुमार सिंह द्वारा एवं बाद में तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी द्वारा भी सम्मानित किया गया. तोलरा में भीषण रेल हादसा हुआ, जिसमें कई जानें गईं और सैकड़ों लोग घायल हो गए. तब पलामू जिला व्यवसाई संघ के अध्यक्ष रहते हुए अपनी पूरी व्यवसायियों की टीम को तन- मन-धन से सेवा कार्य में तत्काल लगाया. इसके लिए पलामू उपायुक्त द्वारा सम्मानित कर उन्हें प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया. अपने अध्यक्ष पद के कार्यकाल में व्यवसायियों पर लगने वाले चौधराना को आंदोलन कर समाप्त करवाया. वे सबसे अधिक लगभग 32 वर्ष पलामू जिला व्यवसाई संघ में अध्यक्ष के पद पर रहे. खासमहल से मुक्ति के लिए हमेश प्रयास किया. पलामू इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की स्थापना स्वर्गीय हरि लाल लाठ, विश्वनाथ प्रसाद अग्रवाल, अनुपम तुलस्यान आदि के साथ मिल कर की. पलामू चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के फाउंडर मेंबर एवं उसका संविधान का निर्माण उक्त 5 एवं कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर किया. 1990 के दशक में बिहार सरकार के आबकारी विभाग के सदस्य रहे. कृषि बाजार समिति के सदस्य रहते हुए बाजार समिति का बाजार चालू कराया. वे श्री मारवाड़ी सार्वजनिक हिन्दी पुस्तकालय के आजीवन अध्यक्ष रहे. वहां के पक्के वाचनालय का निर्माण कराया. रेलवे में डीआरडब्लूसीसी एवम स्टेशन प्रबंधन समिति के सदस्य रहे. श्री गोशाला बारालोटा के सचिव व उपाध्यक्ष रहे. जनता शिवरात्री महाविद्यालय के प्रबंधन समिति में रहे. स्थानीय संस्कृत टोल स्कूल के विद्यार्थियों को आर्थिक मदद कर उन्हें शिक्षित करने का प्रयास किया. प्रकाश चंद जैन सेवा सदन संस्था से भी जुड़े रहे. जब सदर हॉस्पिटल का पुनर्निर्माण तत्कालीन उपायुक्त संतोष मैथ्यू साहब करा रहे थे, तो व्यवसाई को ओर से इसमें हरसंभव मदद कराई. व्यवसाई के रूप में ऑयल मिल फ्लोट मिल बिस्कुटों का होलसेल व्यापार ट्रांसपोर्ट सर्विस कराई. आजाद भारत के नाम से बस भी चलवाई जो पेट्रोल के साथ-साथ कोयले से भी चलती थी. उन दिनों बस सेवा में पैसा ज्यादा नहीं बचता था, लेकिन लोगों को जरूरी सुविधा मिले, इसलिए आसपास के क्षेत्रों में बस चलाई. संपूर्ण बिहार कर बिग चक्की एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्षों रहे. बाबा भीखम दास राम जानकी मंदिर न्यास के न्यासी रहे. श्री अग्रसेन भवन डाल्टनगंज के आजीवन सदस्य रहे. जरूरतमंद व गरीब लोगों के आंखों के मोतियाबिंद का मुफ्त आपरेशन हर वर्ष करवाया.












