जमशेदपुर : नगर की साहित्यकार डॉ निवेदिता श्रीवास्तव ‘गार्गी’ को प्रतिष्ठित ‘जनार्दन गोस्वामी व्यथित स्मृति सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया है. इस समारोह का आयोजन धनबाद स्थित बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा केंद्र में किया गया, जहां उन्हें सम्मानित किया गया. झारखंड साहित्य अकादमी स्थापना संघर्ष समिति और खोरठा पत्रिका साहित्य के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ राम कुमार सिंह एवं संस्था के अध्यक्ष शिरोमणि महतो ने संयुक्त रूप से डॉ गार्गी को सम्मानित किया. यह सम्मान हिंदी साहित्य, क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाओं तथा कला-संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित स्मृति सम्मान समारोह की पांचवीं कड़ी में प्रदान किया गया. डॉ निवेदिता श्रीवास्तव ‘गार्गी’ को साहित्य के प्रति उनके निरंतर समर्पण, विभिन्न साहित्यिक विधाओं में लेखन और विशेष रूप से छंदों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए सम्मानित किया गया. (नीचे भी पढ़ें)
समारोह में निर्णायक मंडल की भूमिका सुभाष कुमार गोस्वामी और सुभाष कुमार यादव ने निभाई. इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष शिरोमणि महतो ने कहा कि हिंदी, क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाओं और कला-संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए साहित्यिक पुरोधाओं की स्मृति में यह सम्मान पांचवीं बार प्रदान किया जा रहा है. यह सम्मान देश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों को दिया जाता है, अभी तक अनेक शीर्षस्थ साहित्यकारों को यह सम्मान प्रदान किया जा चुका है. ऐसे आयोजन साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. डॉ. निवेदिता श्रीवास्तव ‘गार्गी’ को मिले इस सम्मान से जमशेदपुर के साहित्यिक जगत में हर्ष का माहौल है. शहर के लिए यह गौरवपूर्ण उपलब्धि है कि यहां की साहित्यकार को उनकी रचनात्मक प्रतिभा के लिए ससम्मानित किया गया. यह उपलब्धि न केवल डॉ गार्गी की साहित्यिक यात्रा को नई पहचान देती है, बल्कि झारखंड की साहित्यिक प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है.















