जमशेदपुर : बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात अर्नब अब बहुत प्रचंड चक्रवाती तूफान का रूप ले चुका है. इस दौरान कोल्हान समेत पूरे झारखंड में चक्रवात अर्नब का असर मंगलवार शाम से ही दिखने लगा है. जमशेदपुर, चाकुलिया, सरायकेला-खरसावां जिले में शाम होते ही काले बादल मंडराने लगे और थोड़ी ही देर में झमाझम बारिश शुरू हो गई. इसे लेकर झारखंड सरकार और जिला प्रशासन भी अलर्ट है. भारी बारिश को देखते हुए 28-29 को राज्य में सभी स्कूलों के बंद होने की संभावना है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार यह तूफान 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम तट पर बापटला से विशाखापत्तनम के बीच, यानम के करीब, लैंडफॉल करने वाला है. लैंडफॉल के समय हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी और झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं. (नीचे भी पढ़ें)

वहीं 30 अक्टूबर तक बारिश का अलर्ट जारी है. दूसरी ओर, बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब के प्रभाव से पूर्वी सिंहभूम जिले (जमशेदपुर) में 27 से 30 अक्टूबर तक तेज हवाएं चलने, कहीं-कहीं गर्जन एवं वज्रपात के साथ भारी वर्षा होने की संभावना को देखते हुए जमशेदपुर के उपायुक्त राजीव रंजन द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को सतर्कता बरतने एवं आवश्यक एहतियाती कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. मौसम केन्द्र, रांची से प्राप्त पूर्वानुमान के आलोक में नगर निकायों, भूमि सुधार उप समाहर्ता, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों, थाना प्रभारियों तथा विद्युत विभाग के अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्र में स्थिति पर सतत निगरानी रखने को कहा गया है. प्रतिकूल मौसम के कारण जिले के निचले इलाकों में जलजमाव, नदी-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि तथा निचले ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है. तेज हवाओं एवं भारी वर्षा से कच्चे मकानों, झुग्गी-झोपड़ियों तथा कमजोर दीवारों को नुकसान पहुंच सकता है. इसके अतिरिक्त खरीफ फसलों, विशेषकर धान एवं सब्जियों की फसल को भी क्षति होने की संभावना है. (नीचे भी पढ़ें)

उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में संवेदनशील एवं जलजमाव वाले स्थानों को चिह्नित कर आवश्यक सतर्कता मूलक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. संभावित बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने तथा उनके लिए आश्रय स्थलों को चिह्नित कर वहां दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है. विद्युत विभाग के अभियंताओं को मौसम की स्थिति के मद्देनजर सतर्क रहने तथा विद्युत व्यवस्था से संबंधित संभावित जोखिमों पर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ स्थिति पर नजर रखने तथा किसी भी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है. आम नागरिकों से भी अपील है कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें, अनावश्यक रूप से जोखिम वाले स्थानों पर जाने से बचें तथा वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर सुरक्षित स्थान पर रहें. नदी-नालों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों के समीप विशेष सावधानी बरतें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें.















