
चाईबासा : विद्युत विभाग के ठेकेदार द्वारा चाईबासा शहर में किये जा रहे हैं अंडरग्राउंड इलेक्ट्रिक वायरिंग के क्रम में मशीन से ड्रिल किए जाने से विभिन्न मोहल्लों के कई मार्गों में जलापूर्ति की पाइपलाइन लगातार क्षतिग्रस्त हो रही है। वहीं पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यालय के मुख्य द्वार के बाहर ही संबंधित ठेकेदार द्वारा केबुल वायरिंग को लेकर विगत 26 जनवरी को ड्रिल किया गया था। उसके बाद से ही पानी की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से नीमडीह मोहल्ले में 12 दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप्प हो गयी हैं।वही मंगलवार को जब पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रभुदयाल मंडल की मौजूदगी में क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को गड्ढे से निकाला गया तो पाया गया कि बृहत रूप से पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। मामले की जानकारी होने पर अधिवक्ता सह समाजसेवी राजाराम गुप्ता ने मामले की जानकारी ली। इस दौरान कार्यपालक अभियंता ने बताया कि पूर्व में पाइप लीक होने का पता चला था जिसको लेकर कोलकाता से मरम्मत हेतु आवश्यक सामान मंगाया गया । पर जब खुदाई कर पाइपलाइन बाहर निकाला गया तो 10 फीट से अधिक पाइपलाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। जिसे अब जल्द ही सुधार किया जाएगा। वही मौके पर अधिवक्ता राजाराम गुप्ता ने कहा कि अभी विधानसभा का सत्र चल रहा है, चाईबासा आने पर पूरे मामले की जानकारी चाईबासा विधायक दीपक बिरुवा को दी जाएगी। वहीं वार्ड पार्षद पवन शर्मा ने कहा कि पेयजल आपूर्ति ठप होने से आम जनमानस को काफी परेशानी हो रही है।इस अवसर पर मुख्य रूप से विद्युत विभाग के सहायक अभियंता गौतम राणा, पीएचईडी के कनीय अभियंता धर्मेंद्र कुमार , यांत्रिक अभियंता, नगर परिषद चाईबासा के अरुण प्रजापति, मुन्ना आलम के अलावा गणमान्य लोग व मोहल्ले वासी मौजूद थे।








