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गुरूवार, जून 17, 2021
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Jamshedpur : सिदगोड़ा सूर्य मंदिर : रघुवर दास समिति ने सदस्यों के साथ की बैठक, कहा कुछ लोगों का काम ही है दुष्प्रचार करना, अक्षेस के सिटी मैनेजर की जांच रिपोर्ट-सूर्य मंदिर में कभी भी विधि-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है

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जमशेदपुर : सिदगोड़ा सूर्य मंदिर समिति की एक बैठक रविवार को सूर्य मंदिर परिसर में हुई। मंदिर समिति के अध्यक्ष संजीव सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने राजनीतिक संरक्षण प्राप्त असमाजिक तत्वों द्वारा पिछले दिनों हंगामा किये जाने एवं अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए मंदिर के गेट में ताला जड़े जाने की निंदा की। संजीव सिंह ने कहा कि सूर्य मंदिर का निर्माण जनसहयोग से हुआ है। जिसका सफल संचालन समिति द्वारा किया जा रहा है। मंदिर समिति का प्रत्येक वर्ष ऑडिट होता है। परंतु कुछ नेताओं एवं उनके समर्थक जमशेदपुर में आस्था एवं पर्यटन के रूप में विकसित सूर्य मंदिर धाम की सुंदरता देख विचलित हो गए हैं। राजनीतिक द्वेष की भावना लिए पूर्वी विधायक द्वारा नियुक्त किये गए प्रतिनिधि एवं समर्थकों द्वारा मंदिर परिसर के धार्मिक कार्यों में बार-बार व्यवधान उत्पन्न करने पर विधायक द्वारा मना न करना सिद्ध करता है कि विधायक का अपने प्रतिनिधि एवं समर्थकों पर नियंत्रण नहीं है। ये कहीं न कहीं पूर्वी विधायक के मौन समर्थन को दर्शाता है। संजीव सिंह ने कहा कि सूर्य मंदिर समिति ने अपने धर्मिक आयोजनों से हमेशा ही समाज एवं सनातनी प्रेमियों को जोड़ने का कार्य किया है। आगे भी मंदिर अपने सभी दायित्वों के प्रति गंभीर है। (नीचे भी पढ़ें)

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महामंत्री गुंजन यादव ने कहा कि मंदिर समिति द्वारा जनसहयोग के माध्यम से जमशेदपुर में आस्था को ध्यान में रखते हुए मंदिर का निर्माण, स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर पार्क का निर्माण, बच्चों के खेलने के लिए चिल्ड्रेन पार्क का निर्माण किया गया। जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि जबसे विधानसभा चुनाव के परिणाम आये हैं जमशेदपुर में कभी सामुदायिक भवन में आदेश पर ताला लग जाता है तो कभी मंदिरों पर ताला लगाने का प्रयास होने लगा है। पूरा शहर इस बात से वाकिफ है कि सूर्य मंदिर को विकसित करने एवं इसे धार्मिक आस्था का केंद्र बनाने में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के प्रयासों को झुठलाया नहीं जा सकता है। सभा को सूर्य मंदिर समिति के संरक्षक लक्ष्मीकांत सिंह, पूर्व विधायक मेनका सरदार, अभय सिंह व अन्य ने संबोधित किया। सभी ने ऐसे कार्य की निंदा की। (नीचे भी पढ़ें)

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इस दौरान इस दौरान मंदिर समिति के महामंत्री गुंजन यादव, संरक्षक लक्ष्मीकांत सिंह, शशिकांत सिंह, कमलेश सिंह, चन्द्रशेखर मिश्रा, उपाध्यक्ष संजय सिंह, अखिलेश चौधरी, राजेश यादव, कोषाध्यक्ष मान्तु बनर्जी, सचिव विनय भूषण शर्मा, दीपक कुमार, बिश्वनाथ सरकार, रीता मिश्रा, दिनेश कुमार, रामबाबू तिवारी, पवन अग्रवाल, सुशांता पांडा, देवेंद्र सिंह, मिथिलेश सिंह यादव, भूपेंद्र सिंह, रमेश हांसदा, खेमलाल चौधरी, कल्याणी शरण, गुरदेव सिंह राजा, राकेश सिंह, सुधांशु ओझा, बबुआ सिंह, संतोष ठाकुर, मंजीत सिंह, बोलटू सरकार, प्रेम झा, कुमार अभिषेक, अभिमन्यु सिंह चौहान, विकाश शर्मा, बिनोद कुमार सिंह, नारायण पोद्दार, नीलू झा, ज्योति अधिकारी, निर्मल गोप, अजय सिंह, हेमंत सिंह, सुरेश शर्मा, बबलू गोप, प्रोबिर चटर्जी राणा, मृत्युंजय यादव समेत अन्य उपस्थित थे। (नीचे भी पढ़ें)

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विशेष पदाधिकारी को सिटी मैनेजर ने पत्र लिखकर कराया अवगत
दूसरी ओर जमशेदपुर के बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बाद जो स्थितियां बन रही है, उसको लेकर जिला प्रशासन गंभीर है। शनिवार को ही जमशेदपुर अक्षेस के सिटी मैनेजर ने विशेष पदाधिकारी को पत्र लिखकर सिदगोड़ा सूर्य मंदिर धाम स्थित चिल्ड्रन पार्क को लेकर उपजे हालात के बाद अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। सिटी मैनेजर ने अपनी रिपोर्ट में साफ शब्दों में लिखा है कि वहां कभी भी स्थिति तनावपूर्ण हो सकती है। पूछताछ मेंं पता चला है कि वहां जो कार्य चल रहा है उसके लिए जिला प्रशासन की अनुमति नहीं ली गई है। विदित हो कि बीते शुक्रवार को विधायक सरयू राय समर्थित कमेटी ने बैठक कर महाशिवरात्रि धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया था। इसी क्रम में कमेटी ने चिल्ड्रन पार्क में कुछ गड़बड़ी की आशंका जताते हुए जिले के उपायुक्त से जवाब तलब किया। उसके बाद कमेटी ने मंदिर के मुख्य गेट को छोड़ सभी गेट में तालाबंदी कर दी। उधर शनिवार को रघुवर दास समर्थित पुरानी कमेटी ने भाजपाइयों संग नई कमेटी के कार्यकर्ताओं को गुंडा बताते हुए प्रभु श्री राम और राम भक्तों का अपमान का आरोप लगाते हुए जिला मुख्यालय पर जोरदार हंगामा किया। वही शनिवार को ही सरयू राय समर्थित कमेटी एसडीओ से मिलकर महाशिवरात्रि के आयोजन की अनुमति दिए जाने संबंधी अनुरोध पत्र सौंपा। इधर जिला प्रशासन सभी घटनाक्रम पर अक्षेस से रिपोर्ट तलब किया। जिसके बाद सिटी मैनेजर ने शनिवार को ही अपनी रिपोर्ट अक्षेस के विशेष पदाधिकारी को सौंप दी। कुल मिलाकर सिटी मैनेजर की रिपोर्ट से साफ हो गया है कि सिदगोड़ा सूर्य मंदिर धाम में कभी भी हिंसक झड़प हो सकती है।

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