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सोमवार, अप्रैल 19, 2021
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    Jamshedpur : सिख इतिहास में प्रधानमंत्री की भूमिका को विभिन्न पंथिक संगठनों ने सराहा, कहा-विविधता में एकता को मजबूती दे रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, झारखंड में इंदर सिंह नामधारी को जिम्मेदारी देकर कार्यक्रम आयोजित हो

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    जमशेदपुर : सिखों के नवें गुरु श्री तेग बहादुर राय जी के 400 वीं प्रकाश पर्व सरकारी स्तर पर आयोजित करने के फैसले का स्वागत करते हुए विभिन्न पंथिक संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका को सिख इतिहास के लिए चिरस्थाई बताया है। झारखंड सिख विकास मंच के अध्यक्ष गुरदीप सिंह पप्पू के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सदस्यता महान है और उन्होंने देश की बहुलवादी संस्कृति को विविधता में एकता को मजबूत करने में पूरी इमानदारी से काम कर रहे हैं।
    सिख देश की आबादी के दो प्रतिशत से भी कम है और चुनावी लोकतंत्र में इसकी उतनी महत्ता नहीं है। देश की आजादी एवं देश निर्माण एवं देश की रक्षा की प्रतिबद्धता को पूरा देश सलाम करता है और प्रधानमंत्री ने समय-समय पर सिख पंथ की भूमिका को सराहा है इसके शौर्य को नमन किया है। प्रधानमंत्री सौभाग्यशाली हैं कि उनके कार्यकाल में पंथ, देश और कायनात ने गुरु गोविंद सिंह जी का 350 वां प्रकाश पर्व गुरु नानक देव जी का 550 वां प्रकाश पर्व मनाया है। बैठक में जसवंत सिंह दलबीर सिंह नानक सिंह कुलविंदर सिंह गुरदयाल सिंह मलकीत सिंह कुलदीप सिंह हरजीत सिंह त्रिलोचन सिंह सुधीर कुमार सुनील कुमार आदि उपस्थित थे। वहीं सीतारामडेरा में आयोजित बैठक में पैगाम ए अमन महिला विंग की चेयर पर्सन कमल कौर ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री श्री गुरु तेग बहादुर जी की प्रकाश पर्व देश स्तर पर मना कर महान कार्य कर रहे हैं। गुरु तेग बहादुर जी धर्म एवं देश की रक्षा बलिदान एवं विविध संस्कृतियों की रक्षा के प्रतीक है। उन्हें हिंद की चादर कहा गया है। इतिहास में ऐसी मिसाल नहीं है कि दूसरों की धर्म के खातिर कोई खुद अपना बलिदान कर दे। गुरु तेग बहादुर जी ने उनके दादाजी ने एवं पोतों ने मानवता की रक्षा के लिए बलिदान दिया था। प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री धन्यवाद के पात्र हैं कि उन्होंने यह फैसला किया है कि गुरु जी के सिद्धांतों को दुनिया के कोने कोने तक पहुंचाना है। कमल कौर प्रधान मंत्री से विशेष तौर से जुड़ी रही हैं और उन्हें फोन पर बात करने का अवसर भी मिलता रहा है। कमल कौर ने प्रधानमंत्री को लिखित तौर पर सलाह भी भेजी है कि वे झारखंड में राज्य स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करें और इसके जिम्मेवारी झारखंड विधानसभा के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं महान विद्वान इंदर सिंह नामधारी जी को दें। जिनके नेतृत्व में झारखंड के रांची धनबाद एवं जमशेदपुर शहर में पंथिक एवं साहित्यिक आयोजन संपन्न हो सके। दविंदर कौर धीरज कोर, नरेंद्र कौर जसवंत कौर मलकीत कौर सुरजीत कौर महेंद्रजीत कौर, सिमरन कौर आदि ने अपने विचार रखे।

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