जमशेदपुर : जमशेदपुर के समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में जिला परामर्शदात्री समिति (डीसीसी) एवं जिला स्तरीय समीक्षा (डीएलआरसी) की बैठक आयोजित की गई. बैठक में रांची के रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआइ) के प्रबंधक शोहम शोम, डीडीएम नाबार्ड जस्मिका बास्के, अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) संजीव कुमार चौधरी सहित विभिन्न विभागों एवं बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे. बैठक में जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं अभियानों की प्रगति एवं बैंकों की भूमिका की विस्तृत समीक्षा की गई. विशेष रूप से वित्तीय समावेशन के लक्ष्य को शत-प्रतिशत संतुष्टिकरण तक पहुंचाने हेतु ठोस रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया. (नीचे भी पढ़ें)

उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों एवं बैंकों को निर्देशित किया कि वे अधिक से अधिक पात्र लाभुकों को सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ें, जिनमें प्रमुख रूप से अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना शामिल हैं. उन्होंने निर्देश दिया कि इसके लिए बैंकिंग के माध्यम से घर-घर पहुंच सुनिश्चित की जाए. कृषि क्षेत्र में ऋण प्रवाह बढ़ाने के उद्देश्य से आगामी खरीफ फसल मौसम से पहले अधिक से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसानों को समय पर सुलभ ऋण उपलब्ध हो सके. बैठक में बैंकिंग से जुड़े महत्वपूर्ण संकेतकों की भी समीक्षा की गई, जिनमें जमा-ऋण अनुपात, वार्षिक ऋण योजना की प्रगति, एसीपी बकाया की स्थिति प्राथमिकता क्षेत्र में ऋण वितरण एवं जमा इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रमुख योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई, जिनमें प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमइ), प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमइजीपी – प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम) शामिल हैं. (नीचे भी पढ़ें)
साथ ही जिले में डिजिटल वित्तीय साक्षरता एवं जागरूकता को बढ़ावा देने पर भी विशेष बल दिया गया. बैठक के अंत में उपायुक्त द्वारा नाबार्ड की संभावित संबद्ध ऋण योजना 2026-27 (पोटेंशियल लिंक्ड क्रेडिट प्लान पीएलपी) का औपचारिक शुभारंभ किया गया, जो जिले में विभिन्न क्षेत्रों में ऋण की संभावनाओं के आकलन एवं बैंकिंग विस्तार के लिए मार्गदर्शक दस्तावेज के रूप में कार्य करेगा. उपायुक्त ने सभी बैंकों एवं विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करने तथा वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ बनाते हुए सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध रहने का निर्देश दिया.




