जमशेदपुर : जमशेदपुर के सबसे पुराने क्राइम रिपोर्टर और प्रेस क्लब ऑफ जमशेदपुर के प्रथम महासचिव सिद्धनाथ दुबे का निधन हो गया. उन्होंने सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर 2 स्थित आरआइटी थाना के सामने स्थित एलआइजी के मकान में अंतिम सांसे ली. वे पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे. वे मूलतः बिहार राज्य के बक्सर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के निवासी थे और 45 सालों से पत्रकारिता कर रहे थे. अपने अंतिम समय तक वे लगातार सक्रिय रहने वाले पत्रकार थे. हिंदी दैनिक प्रभात खबर, उदितवाणी समेत कई अन्य अखबारों में काम करने के बाद वे खुद का अपना मासिक सामाचार पत्रिका झारखंड प्रदीप संचालित कर रहे थे. सिद्धनाथ दुबे अपने पीछे अपनी पत्नी, पुत्र के अलावा तीन विवाहित पुत्रियों का भरा पूरा परिवार छोड़ गये है. करीब 75 वर्षीय सिद्धनाथ दुबे (एसएन दुबे) जमशेदपुर में क्राइम रिपोर्टिंग को एक नयी धार दी थी. (नीचे भी पढ़ें)
कोर्ट में किस तरह की रिपोर्टिंग होती है, उसकी शुरुआत करने वालों में हमेशा उनको याद किया जायेगा. पुलिस के खिलाफ हो या फिर सिस्टम के खिलाफ, हर जगह उनके कलम ने आग उगला है. उनके निधन की खबर मिलने के बाद पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गयी. उनका अंतिम संस्कार देर शाम को जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित पार्वति घाट में कर दिया गया. सिद्धिनाथ दुबे के पार्थिव शरीर को जैसे ही अंतिम दर्शन के लिए बाहर लाया गया, श्रद्धांजलि देने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी. उनकी शवयात्रा आदित्यपुर की गलियों से गुजरते हुए जब घाट पहुंची, तो भावनाओं का सैलाब देखने को मिला.




