जमशेदपुर : जमशेदपुर पुलिस ने कारोबारी देबांग गांधी के बेटे कैरव गांधी के अपहरण के मामले का पुलिस ने उदभेदन कर दिया है. जमशेदपुर के एसएसपी पियूष पांडेय ने प्रेस कांफ्रेंस कर इसका खुलासा किया. जमशेदपुर के एसएसपी ने बताया कि अक्तूबर माह से ही कैरव गांधी का अपहरण करने का ताना बाना बुना गया था. जमशेदपुर के दो लोग रेकी करते थे जबकि दो बार अक्तूबर में और फिर दिसंबर माह में दो बार बिहार के नालंदा, गयाजी और पटना के अपराधी आये थे. पूरे एरिया की जानकारी ली थी और फिर अपहरण किया था. अपहरण की घटना 13 जनवरी को अंजाम दिया गया था. कदमा सोनारी लिंक रोड के एयरपोर्ट गोलचक्कर पर अपहरण की घटना को एक गाड़ी से अंजाम दिया गया था. (नीचे भी पढ़ें)

इसके बाद सीएच एरिया होते हुए सोनारी होते हुए डोबो के रास्ते सारे लोग चांडिल होते हुए बिहार चले गये थे. यह बताया गया कि गयाजी के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में अपराधियों ने कैरव गांधी को एक सुनसान सा घर में रखा था. जब पुलिस की दबिश बनी तो अपराधियों ने उसको ट्रांजिट के दौरान कैरव गांधी को छोड़ दिया. (नीचे भी पढ़ें)

इसके बाद से पुलिस ने दबिश बनानी शुरू की, जिसके बाद 6 अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार लोगों में बिहार केनालंदा के इस्लामपुर निवासी गुड्डू सिंह, इमरान आलम उर्फ आमर, रमीज राजा, गयाजी के बुनियादगंज के उपेंद्र सिंह और पटना के आगमकुआं निवासी मोहन कुमार प्रसाद शामिल है. उनके पास से पुलिस ने दो देशी कट्टा, चार राउंड गोली, घटना में प्रयुक्त स्कार्पियों बीआर 01पीबी 1062 को जब्त किया गया. (नीचे भी पढ़ें)

पुलिस ने बताया कि इन लोगों को पकड़ने के दौरान गया निवासी अर्जुन सिंह उर्फ आर्यन छत से गिरने से घायल हो गया था. इसके बाद तीन लोगों को यहां लाया गया, जिनको लेकर पुलिस की टीम सीएच एरिया साई मंदिर के पास के झाड़ियों में बीती रात लेकर गयी, जहां अपराधियों ने पुलिस के ही हाथों से कार्बाइन छिनकर उन पर फायरिंग की, जिसकी जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलायी, जिससे तीनों घायल हो गये. पुलिस को अभी इस गिरोह के 6 लोगों की और तलाश है. वहीं, जमशेदपुर में इन अपराधियों को कैरव गांधी की सारी जानकारी देने वाले दो लोगों की तलाश भी की जा रही है. जमशेदपुर पुलिस जल्द ही उन तक पहुंच जायेगी.




