जमशेदपुर : साकची स्थित हुसैनी मिशन में एक मातमी जुलूस निकला. जुलूस में शामिल लोग नौहा खानी और सीनाजनी कर रहे थे. नौहा पढ़ा गया, ‘हम औनो मोहम्मद हैं. सदा रहेगा हुसैन का गम, जमाना यूं ही करेगा मातम.’ या हुसैन या हुसैन, नौहा खानी शाकिर हुसैन, इनाम अब्बास, आशकार हुसैन आदि नौहा खानों ने की. (नीचे भी पढ़ें)

यह जुलूस साकची गोल चक्कर पहुंचा, जहां जंजीर का मातम भी किया गया. जुलूस में सैकड़ों अकीदतमंद शामिल हुए. इसके पहले हुसैनी मिशन में हुई मजलिस को मस्जिद ए जाफरिया के पेश ए इमाम मौलाना जकी हैदर ने खिताब किया. उन्होंने इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की शहादत का जिक्र किया. (नीचे भी पढ़ें)
इससे पहले मानगो के जाकिर नगर स्थित इमामबारगाह हजरत अबू तालिब अलैहिस्सलाम में मजलिस हुई. यहां मजलिस को मौलाना जकी हैदर ने खिताब किया. इसके बाद सिब्ते हुसैन के इमामबाड़े पर और साकची के मोहम्मडन लाइन में आशकार हुसैन नकवी के इमामबाड़े पर भी मजलिस हुई.
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