जमशेदपुर : जमशेदपुर के समाहरणालय सभागार (डीसी ऑफिस) में उपायुक्त (डीसी) कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में यातायात एवं सड़क सुरक्षा की बैठक आयोजित की गई. वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पीयूष पांडेय, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर भगीरथ प्रसाद, जिला परिवहन पदाधिकारी धनंजय, एसडीएम घाटशिला सुनील चंद्र, एसडीएम धालभूम गौतम कुमार, एसडीपीओ घाटशिला अजीत कुजूर, डीएसपी ट्रैफिक नीरज, डीएसपी हेडक्वार्टर भोला प्रसाद व अन्य डीएसपी समेत अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारी बैठक में शामिल हुए. बैठक में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण एवं सड़क सुरक्षा नियमों के सख्ती से अनुपालन के साथ-साथ हिट एंड रन मामलों मुआवजा भुगतान एवं अन्य संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई. सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा में पाया गया कि पिछले एक माह में 22 सड़क दुर्घटनाएं हुई जिनमें 10 लोगों की मृत्यु तथा 20 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुए. समीक्षा में पाया गया कि 8 व्यक्ति ऐसे थे जिनका हेलमेट नहीं होने के कारण जान चली गई. उपायुक्त एवं वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा इसपर गंभीर चिंता जताते हुए पेट्रोल पंप संचालकों के साथ बैठक कर हेलमेट नहीं पहनने वालों को पेट्रोल नहीं देने, ट्रैफिक पुलिस को सख्ती से जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया. सड़क दुर्घटना के घायलों को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने वाले गुड समारिटन को प्रोत्साहित करने का भी निर्देश दिया गया. (नीचे भी पढ़े)

इस मौके पर पोटका के खरियासाई निवासी गुड समारिटन किशन गुप्ता को 2 हजार रुपये का प्रोत्साहन राशि प्रदान किया गया. जिला के वरीय पदाधिकारियों ने गुड समारिटन की सराहना करते हुए उन्हें इस नेक कार्य के लिए सराहना की जिन्होने सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाकर सराहनीय कार्य किया. गुड समारिटन को कानूनी कार्रवाई से अलग रखा जाता है, इसकी भी जानकारी जनसाधारण तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया. उपायुक्त द्वारा हिट एंड रन के लंबित 35 मामलों पर प्रभावित परिवारों को मुआवजा भुगतान में तेजी लाने का निर्देश जिला परिवहन पदाधिकारी दिया गया. घूमावदार या अंधा मोड़ के समीप स्लाइडिंग बैरियर लगाने, ब्लैक स्पॉट में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था कराने की बात एनएचएआई प्रतिनिधि को कही गई. मई माह में सड़क सुरक्षा नियमों की अवहेलना पर 366 वाहन चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किया गया. वाहन जांच अभियान में बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चालक और बिना सीटबेल्ट के चारपहिया वाहन चालकों समेत यातायात नियमों के उल्लंघन के अन्य मामलों में 23 लाख 50 हजार रू. जुर्माने की वसूली की गई. 2001 नए ड्राइविंग लाइसेंस बनाये गए जिनमें 1695 पुरूष एवं 305 महिलाएं हैं.



