चाकुलिया: चाकुलिया वन विभाग द्वारा विगत वर्ष चाकुलिया-माटिहाना, बेंद -धालभूमगढ़ मुख्य सड़क किनारे पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से सैंकड़ों पौधे लगाएं गए थे.पौधरोपण के पश्चात विभाग द्वारा लाखों रुपए खर्च कर लोहे और प्लास्टिक की जाली और बांस की गेभियन से पौधों की घेराबंदी की गई थी ताकि पौधें पशुओं से बच सके. परंतु धरातल पर कुछ पौधे छोड़कर लगभग सभी पौधे देखरेख के अभाव में मर चुके है. विभाग द्वारा बांस से बने गेभियन भी नष्ट हो गया है और कुछ लोहे की जाली ही सड़क किनारे बचे हैं जो सड़क की शोभा बढ़ा रही हैं. क्षेत्र के लोगों ने कहा कि विभाग के पदाधिकारी पर्यावरण संरक्षण के नाम पर सिर्फ पौधे लगाते है और उसकी देखभाल करना भूल जाते हैं जिससे सरकारी राशि की दुरुपयोग हो रहा है. (नीचे भी पढ़े)
इस संबंध में विगत दिनों एमएसएफ के प्रदेश अध्यक्ष ने मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित मंत्री को ज्ञापन सौंपकर जांच कर कार्रवाई की मांग की है. वहीं आईयूएमएल पार्टी के झारखंड प्रदेश महासचिव फजल इमाम ने दूरभाष पर बताया कि पौधरोपण के नाम पर विभाग के पदाधिकारी सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं और सरकारी राशि का दुरूपयोग कर रहे हैं, जिसकी जांच कर कार्रवाई करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि हर वर्ष क्षेत्र में लाखों पौधे लगाएं जाते हैं और पौधों के संरक्षण के नाम पर लाखों रूपए खर्च होते हैं परंतु धरातल पर पौधे देखरेख के अभाव में नष्ट हो जाते हैं इसके जिम्मेवार कौन है. उन्होंने विभाग के वरीय पदाधिकारी से मांग किया है कि इस संबंध में जांच कर उचित कार्रवाई करें.












