चाकुलिया : चाकुलिया प्रखंड की भातकुंडा पंचायत के रांगामटिया गांव में डीएमएफटी योजना के तहत लाखों की लागत से बन रही ग्रामीण जलापूर्ति योजना पदाधिकारियों एवं संवेदक की उदासीनता के कारण आज तक अधूरी पड़ी है. गांव के लोगों का कहना है कि योजना पूरी नहीं होने के कारण जलापूर्ति योजना उनके लिए दर्शन की वस्तु बनकर रह गई है. (नीचे भी पढ़ें)
ग्रामीणों ने कहा कि गर्मी के कारण गांव से सटे आदिवासी टोले के 20 एवं केंदपाड़ा टोला के 15 परिवारों के साथ ही रांगामटिया गांव के 45 परिवार पेयजल के लिए गांव में वर्षो पूर्व निर्मित एक मात्र कुएं पर आश्रित होकर रह गये हैं. उन्होंने कहा कि गर्मी बढ़ने के कारण जल स्तर नीचे चले जाने से क्षेत्र के अधिकांश चापाकल सूख गये हैं. ऐसे में ग्रामीण गांव के कुएं पर ही पेयजल के लिए आश्रित हैं. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि कुआं के सूख जाने की स्थिति में गांव के लोगों के समक्ष पेयजल की घोर समस्या उत्पन्न हो जाएगी. लोगों ने कहा कि गांव में और कोई जल स्रोत नहीं होने के कारण ग्रामीणों को गांव से तीन-चार किमी दूर साढ़पुरा गांव के तालाब जाते हैं. लोगों ने प्रशासन से सोलर जलापूर्ति योजना का काम जल्द से जल्द पूरा कराने की मांग की है ताकि उन्हें पेयजल की समस्या से निजात मिल सके.




