जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा है कि शारदीय और वासंतिक नवरात्र प्रभु श्री राम से जुड़े हुए हैं. वासंतिक नवरात्र रामजी के जन्म से जुड़ा है तो शारदीय नवरात्र लंका पर विजय से. इस तरह से देखें तो वासंतिक और शारदीय नवरात्र प्रभु श्रीराम से ही जुड़े हुए हैं. (नीचे भी पढ़ें)

विभिन्न पूजा पंडालों के भ्रमण और मां को नमन करने के उपरांत सरयू राय ने कहा कि नवरात्र पर्व है, उत्सव नहीं. नवरात्र के नौ दिन मां की भक्ति, आराधना की जाती है. इसे पर्व के रूप में मनाया जाता है. नवरात्र के अगले दिन, यानी दसवें दिन उत्सव मनाया जाता है जिसे हम विजयादशमी कहते हैं. नवरात्र के नौ दिन पर्व हैं, उत्सव नहीं. नवरात्र के अगले दिन, असत्य पर सत्य की विजय के उत्सव के रूप में हम लोग विजयादशमी मनाते हैं. यह विजय के उत्सव का प्रतीक है. वासंतिक नवरात्र के नौवें दिन प्रभु श्री राम का जन्म हुआ. इसलिए हम लोग उत्सव मनाते हैं. वासंतिक नवरात्र के समापन या अंतिम पावन दिन (नौवें दिन) राम नवमी के रूप में ही होता है. नौ दिन तक मां दुर्गा की उपासना के पश्चात नवमी तिथि को भगवान श्री राम का जन्मोत्सव मनाया जाता है. (नीचे भी पढ़ें)
इसके पूर्व श्री राय रविवार को शहर के कई पंडालों में गए और मां दुर्गा को नमन किया. वह सोनारी के शिव प्रिया दुर्गा मंदिर समिति की तरफ से आयोजित महाष्टमी के भोग में भी सम्मिलित हुए. बीएच एरिया में जयमंगला बाबा से भी उनकी भेंट हुई. जयमंगला बाबा अभी अस्पताल से घर लौटे हैं और स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं. सरयू राय छोटा गोविंदपुर के दयाल सिटी में आयोजित दुर्गापूजा में सम्मिलित हुए. इसके अलावा वह सोनारी सार्वजनिक दुर्गापूजा कमेटी, एयरोड्रम की तरफ से आयोजित दुर्गापूजा में भी सम्मिलित हुए. यहां उन्होंने मां से सभी के कल्याण के लिए प्रार्थना की. वह सोनारी के ही कागलनगर सेंटर में आयोजित दुर्गापूजा में भी सम्मिलित हुए. इसके अलावा वह एनआइटी जमशेदपुर परिसर, सार्वजनिक दुर्गा पूजा कमेटी, फूड प्लाजा, सिदगोड़ा, दुर्गा पूजा पंडाल, एम टाइप, टेल्को में आयोजित पूजा में भी सम्मिलित हुए.





