जमशेदपुर : झारखंड में पेश हुए अपने अबुआ बजट का विपक्ष ने घटिया करार दिया है. इसको लेकर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
आम आदमी को निराश करने वाला बजट : रघुवर दास

पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता रघुवर दास ने कहा है कि झारखंड सरकार द्वारा पेश किया गया बजट लोगों की आंखों में धूल झोंकने वाला बजट है. यह बजट विकास को गति नहीं देगा. यह बजट आम आदमी की आशाओं को पूरा करने वाला बजट नहीं है. इस बजट में योजनाओं के नाम पर अधिक रुपये रखने की बात कही गई है. वित्त मंत्री ने अलग-अलग मदों में बड़ी राशि रखने की घोषणा की है. मैं जानना चाहता हूं कि क्या योजना की कसौटी, योजना की सफलता या उसके लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए केवल उनके लिए रुपये रखने तक ही सीमित है? पिछले बजट में अलग-अलग मदों के लिए योजनाओं के निमित्त बड़ी-बड़ी रकम खर्च करने की घोषणा की गई थी, लेकिन क्या वह राशि खर्च हो पाई. रघुवर दास ने कहा है कि बजट में केवल बड़ी रकम का प्रावधान कर देना विकास सुनिश्चित नहीं करता, असली चुनौती उस राशि का सही समय पर और सही तरीके से क्रियान्वयन है. साथ ही झारखण्ड सरकार ने गरीब, आदिवासी, किसान, युवाओं, महिलाओं के साथ भी बजट में छल किया है. युवाओं के लिए रोजगार से संबंधित कोई ठोस योजना पेश नहीं की गई है. संक्षेप में कहा जाए तो यह बजट जनता के लिए घोर निराशाजनक बजट है.( नीचे भी पढ़े)
विधायक पूर्णिमा साहू ने झारखंड सरकार के बजट को बताया निराशाजनक

झारखंड सरकार द्वारा विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए बजट पर जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे ‘आंकड़ों की बाजीगरी और जनता को भ्रमित करने वाला बजट’ करार दिया है. विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि पिछले बजट में सरकार ने 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया था, लेकिन सरकार यह बताए कि वह बजट का कितना प्रभावी क्रियान्वयन कर पाई. उनकी जानकारी के अनुसार बजट की तुलना में 70 प्रतिशत उपलब्धि भी हासिल नहीं हो पाई है. ऐसे में बड़े-बड़े आंकड़े पेश कर जनता को गुमराह करने का क्या औचित्य है. उन्होंने कहा कि सरकार को दिखावटी नहीं, यथार्थवादी और जमीन से जुड़ा बजट पेश करना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार को दोबारा सत्ता में आये एक वर्ष से अधिक समय हो गया है, लेकिन महिलाओं से किए गए वादे अब भी अधूरे हैं. चुनाव के दौरान 450 रुपये में गैस सिलेंडर देने का वादा किया गया था, पर आज भी महिलाएं उस घोषणा की प्रतीक्षा कर रही हैं. इस बजट में भी इस संबंध में कोई ठोस घोषणा नहीं की गई, जिससे राज्य की महिलाओं को गहरी निराशा हुई है. विधायक पूर्णिमा साहू ने राज्य सरकार की नौकरियों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के वादे की याद दिलाते हुए कहा कि इस दिशा में भी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि सत्तारूढ़ दलों ने चुनाव में ओबीसी समाज को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा किया था, लेकिन बजट में इस पर भी कोई घोषणा नहीं की गई. गरीब परिवार 7 किलो चावल और 2 किलो दाल मुफ्त देने की योजना का इंतजार करते रह गए. इसके साथ ही, हर गरीब परिवार को 15 लाख रुपये तक स्वास्थ्य बीमा योजना का कवरेज देने का वादा भी अब तक अधूरा है. विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि जब सरकार अपने प्रमुख चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही है, तो इस बजट को जनकल्याणकारी कैसे कहा जा सकता है. उन्होंने कहा कि यह बजट विकास की पुख्ता रूपरेखा प्रस्तुत करने के बजाय केवल आंकड़ों की चमक-दमक तक सीमित रह गयी है. जनता को राहत, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें सिर्फ निराशा ही हाथ लगी.(नीचे भी पढ़े)
चार करोड़ झारखंडवासियों को निराश करने वाला बजट : भाजपा जिला अध्यक्ष

झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए बजट को भाजपा जमशेदपुर महानगर ने पूरी तरह दिशाहीन और निराशाजनक करार दिया है. भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने मंगलवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य सरकार के इस बजट में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिसे जनता के हित में स्वागत योग्य कहा जा सके. यह बजट युवा, महिला, किसान, मजदूर सभी को निराश करने वाला है. संजीव सिन्हा ने कहा कि हेमंत सरकार ने इस बार के बजट की राशि को बढ़ाया है परंतु पिछले बजट की कितनी राशि खर्च कर पाई यह नहीं बताया. हेमंत सरकार के पुराने प्रदर्शनों को देखें तो हम सभी जानते हैं कि सरकार बजट की प्रस्तावित राशि खर्ज करने में असफल ही रही है. ऐसे में जब पिछले वर्ष के खर्च का पता नहीं होगा तो बजट बढ़ाने के लाभ क्या होंगे यह बातें चिंतनीय और सोचनीय है. इसके साथ ही, युवाओं, महिलाओं, किसानों से बड़े वादे करने वाली सरकार ने बजट में इनसब पर कोई दिलचस्पी नही दिखाई है. बजट में किये गए घोषणाएं भी सरकार के नेतृत्वहीनता और कमजोर नेतृत्व के कारण धरातल पर उतरवाना बड़ी चुनौती साबित होगी.(नीचे भी पढ़े)
युवाओं के लिए रोजगार एवं रिक्त पड़े पदों के के लिए बजट में कोई प्रवधान नहीं: प्रेम झा

भाजपा जमशेदपुर महानगर के जिला मीडिया प्रभारी प्रेम झा ने झारखंड सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर कहा कि झारखंड सरकार पिछले बजट की कई घोषणाओं को पूर्ण करने में विफल साबित हुई है. पिछले कई बजट में प्रस्तावित राशि खर्च करने में विफल रही झारखंड सरकार ने इस बार बजट का आकार तो बढ़ाया परंतु बजट में सभी वर्गों को निराशा ही हाथ लगी. युवाओं के लिए रोजगार एवं रिक्त पड़े पदों के के लिए बजट में कोई प्रवधान नहीं किया गया हैं. राज्य में आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण की दिशा में यह बजट पूर्ण रूप से निराश करने वाला है.(नीचे भी पढ़े)
हेमंत सरकार का बजट हकीकत से दूर, केवल आंकड़ों का खेल : दिनेश कुमार
भाजपा के जमशेदपुर महानगर के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार ने झारखंड बजट 2026-27 को “दिशाहीन और जनविरोधी” बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि सरकार ने बड़े-बड़े वादों और आकर्षक नामों के जरिए जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया है, लेकिन जमीनी सच्चाई इससे अलग है. राज्य में बेरोजगारी, उद्योगों का पलायन, बिजली संकट और कानून-व्यवस्था जैसे मूल मुद्दों पर ठोस प्रावधान नजर नहीं आते. उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में पूंजीगत निवेश और निजी उद्योगों को प्रोत्साहन देने की स्पष्ट नीति का अभाव है. युवा, व्यापारी और मध्यम वर्ग को इस बजट से कोई ठोस राहत नहीं मिली. दिनेश कुमार ने कहा कि यह बजट विकास का नहीं, बल्कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया राजनीतिक दस्तावेज प्रतीत होता है. भाजपा जन हित में इसका विरोध करेगी.(नीचे भी पढ़े)
झारखंड बजट में झारखंडियों की उपेक्षा : अनिल मोदी

जमशेदपुर: भाजपा के जिला महामंत्री अनिल मोदी ने झारखंड सरकार द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026–27 के बजट को निराशाजनक, दिशाहीन और जनविरोधी करार दिया है. उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य के विकास, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना को मजबूत करने में पूरी तरह विफल साबित होगी.
अनिल मोदी ने कहा कि राज्य के लाखों युवा रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन बजट में स्थायी रोजगार सृजन के लिए कोई ठोस योजना या स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत नहीं किया गया.उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और शहरी सुविधाओं की स्थिति लगातार बिगड़ रही है. लेकिन इन बुनियादी आवश्यकताओं को मजबूत करने के लिए बजट में अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी गई. उद्योग और व्यापार क्षेत्र, जो राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, उनके लिए भी इस बजट में कोई ठोस प्रोत्साहन या राहत का प्रावधान नहीं किया गया है.अनिल मोदी ने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार का यह बजट केवल राजनीतिक लाभ और वोट बैंक को ध्यान में रखकर दिया है.(नीचे भी पढ़े)
झारखंड बजट दिशाहीन,बजट सिर्फ आंकडों का खेल- अमित अग्रवाल

जमशेदपुर: भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री अमित अग्रवाल ने झारखंड सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार पर जनभावनाओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है.अमित अग्रवाल ने कहा कि सरकार बने एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद महिलाओं को 450 रुपये में गैस सिलेंडर देने की घोषणा अब तक पूरी नहीं की गई है. चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे किए गए थे, किंतु बजट में उन वादों को पूरा करने की कोई स्पष्ट मंशा दिखाई नहीं देती. महिलाओं को राज्य की नौकरियों में 33 फीसदी आरक्षण देने का वादा भी अधूरा है, जिससे राज्य की माताओं और बहनों में निराशा है.उन्होंने आगे कहा कि ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण देने का आश्वासन भी केवल चुनावी वादा बनकर रह गया है. गरीब परिवारों को 7 किलो चावल और 2 किलो दाल मुफ्त देने तथा प्रत्येक गरीब परिवार को ₹15 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा देने जैसे महत्वपूर्ण वादों पर भी सरकार पूरी तरह विफल रही है.अमित अग्रवाल ने कहा कि पिछले बजट में 1,36,000 करोड़ का प्रावधान किया गया था, किंतु सरकार यह बताने में असफल रही है कि उस बजट का कितना प्रभावी क्रियान्वयन हुआ. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सरकार अपने लक्ष्यों का 70 फीसदी भी हासिल नहीं कर सकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल आंकड़ों की बाजीगरी कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार को जनता से किए गए वादों को अविलंब पूरा करना चाहिए और जनहित को प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी एवं प्रभावी बजट प्रस्तुत करना चाहिए. राज्य की जनता अब जवाब चाहती है और युवा मोर्चा जनता की आवाज को मजबूती से उठाता रहेगा.





