
रांचीः आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई कोर्ट ने फैसला सुनाया है. कोर्ट ने इस मामले में मांडर विधायक बंधु तिर्की को दोषी करार दिया है. कोर्ट ने तीन साल की सजा व तीन लाख का जुर्माना भी लगाया है. इस मामले में बंधु तिर्की के वकील ने कहा कि मामलों को लेकर अपील की जाएगी. यह अपील सीबीआई की विशेष अदालत व हाई कोर्ट में भी अपील कर सकते है. इसके साथ ही विधायक बंधु तिर्की की विधायकी भी जा सकती है. यह मामला वर्ष 2010 में दर्ज किया गया था.(नीचे भी पढ़े)
इस केस का नंबर आरसी 5(ए) 2010 है. सीबीआई के मुताबिक बंधु तिर्की ने अपने विधायक और मंत्री रहने के दौरान वर्ष 2005 से लेकर वर्ष 2009 के बीच 6 लाख 28 हज़ार 698 रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है. बंधु तिर्की पर मंत्री रहते छह लाख रुपये आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है. झारखंड हाइकोर्ट में मामला सामने आने के बाद 11 अगस्त 2010 को सीबीआइ ने प्राथमिकी दर्ज की थी. 16 जनवरी 2019 को अदालत में बंधु तिर्की पर आरोप गठित हुआ था. अगर आज सीबीआइ कोर्ट के फैसले में बंधु तिर्की को दो साल से अधिक की सजा हुई तो उनकी विधायकी चली जाएगी.(नीचे भी पढ़े)
आपको बता दें कि बंधु वर्तमान में कांग्रेस के विधायक हैं.बता दें कि बंधु तिर्की के खिलाफ आय से छह लाख 28 हजार 698 रुपए अधिक अर्जित करने का आरोप है. वह इस मामले में जेल जाने के बाद जमानत पर चल रहे हैं. सीबीआइ ने बंधु तिर्की के खिलाफ कोड़ा कांड में 11 अगस्त 2010 को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी.



