गिरिडीह : झारखंड जल सहिया कर्मचारी संघ की गिरिडीह जिला शाखा की एक बैठक दिव्या देवी की अध्यक्षता में कोलडीहा किरण पब्लिक स्कूल में संपन्न हुई. बैठक सरकार की गलत मंशा के विरुद्ध संगठन को मजबूत कर आगामी लोकसभा चुनावों से पूर्व धारदार आंदोलन कर अपने अस्तित्व की रक्षा करने पर बल दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)
ज्ञात हो कि जल सहिया 10 वर्षों से कठिन परिश्रम के साथ काम कर रही हैं. पिछली सरकार ने उन्हें मात्र 1000 रुपये का मानदोय दिया, किन्तु वर्तमान सरकार ने अपने पदस्थापन काल से ही उनके मानदेय का भुगतान रोक रखा है और 42 से 45 माह के बाद मानदेय अवरुद्ध करने का निर्णय ले लिया. ऐसी स्थिति में जल सहियों के मुख्य केंद्र गिरिडीह जिले में कई अहम निर्णय पारित किये गये, जिसमें प्रमुख रूप से पूरे राज्य के जल सहियों को एकजुट कर संघर्ष मोर्चा बनाते हुए जिला संघ के 31 जल सहियों को जोड़कर जिला संघर्ष मोर्चा तैयार करने का निर्णय लिया. यही नहीं, बकाया राशि का भुगतान नहीं होने तक कोई जलसहिया राज्य के पीएचईडी का निरादर करते हुए लेखा बंद नहीं करने का निर्णय लिया गया. (नीचे भी पढ़ें)
इसके अलावा बैठक में पूरे राज्य के जल सहियों की आगामी मई महीने में बैठक कर आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने का निर्णय लिया गया. बैठक में भावी आंदोलन की रणनीति पर भी विचार किया गया. बैठक में मुख्य संरक्षक सह राज्य के संगठन सचिव अशोक कुमार सिंह ने कहा कि राज्य सरकार जल सहियों को हटा कर इसे ठेकेदार के जरिये चलाना चाहती है, जिससे विभागीय अधिकारियों के साथ ठेकेदार से मिल कर सरकारी योजनाओं में लूट की जा सके. उन्होंने कहा कि वे ऐसा होने नहीं देंगे एवं राज्य की 30000 जल सहिया अगस्त 2023 से निर्वाचन के पूर्व तक आंदोलन चलाती रहेगी, जिसका नेतृत्व राज्य के सभी संघ एवं महासंघ ट्रेड यूनियनें करेंगी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को तमाम बकायों के साथ मानदेय निर्धारित करना होगा. बैठक में जल सहिया सरिता देवी, सितारा परवीन, दिव्या देवी, नीतू देवी, पूनम पांडे, नीलम कुमारी, बंदिनी देवी, संगीता देवी, सीमा मरांडी, मंजू देवी, कांति देवी, विक्रम कुमार गुप्ता आदि शामिल रहे.



