
जमशेदपुर : सरायकेला से करीब 35 किलोमीटर दूर राय सिंदरी पहाड़ी के जंगल में गुरुवार सुबह पुलिस व नक्सलियों की मुठभेड़ हो गई थी. मुठभेड़ में एक युवक का शव मिला था, जिसे पुलिस ने पहले नक्सली करार दिया था. इस मामले में शनिवार को पुलिस अपने बयान से पलट गई. पुलिस का कहना है कि मृतक नक्सली है या गांव का रहने वाला इसकी जांच की जा रही है.

घटना के बाद पुलिस शव की पहचान में जुटी रही. शनिवार को जब छोटा सिगुइ गांव के मुखिया कोन्ता मुंडा गांव वालों के साथ गांव से चार लोगों के गायब होने की सूचना देने पहुंचे, तब उन्होंने शव की पहचान की. शव की पहचान राय सिंदरी गांव निवासी रघुनाथ मुंडा के रूप में की. कोन्ता मुंडा ने बताया कि वे लोग जब गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे तो पुलिस ने कहा कि 1 घंटे बाद वह पूरी जानकारी देगी. जब गांव वाले 1 घंटे बाद जानकारी लेने पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि एक शव बरामद किया गया है उसकी पहचान रघुनाथ मुंडा के रूप में की गई. फिलहाल गांव के चारों लोगों को पुलिस ने अपनी हिरासत में रखा है.

ज्ञात हो कि गुरुवार को रायसिंदरी पहाड़ी के जंगलों में सर्च अभियान के दौरान पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई थी. मुठभेड़ के बाद पुलिस को मौके से एक शव मिला जिसे पुलिस ने नक्सली घोषित कर दिया था.
शनिवार को देर रात हुआ पोस्टमार्टम
मृतक रघुनाथ मुंडा का के शव का पोस्टमार्टम शनिवार शाम कार्यपालक दंडाधिकारी प्रमोद राम की देखरेख में किया गया.
पत्नी ने कहा परिजनों से मिलने जा रहे थे रघुनाथ
मृतक रघुनाथ की पत्नी जांबी कुमारी ने बताया कि रघुनाथ घर से अपने भाई रामेश्वर मिंडा से मिलने घर से निकले थे घर में मोबाइल नेटवर्क नहीं होने के कारण वे जंगल की ओर गए जिसके बाद देर शाम तक उनकी जानकारी नहीं हुई. बाद में पता चला कि उनकी मौत हो गई है. गुरुवार को मुठभेड़ के बाद पुलिस ने एक बयान जारी किया था कि सब नक्सली का है. फिलहाल उस समय उसकी पहचान नहीं हो पाई थी. वहीं कुचाई थाना प्रभारी उदय कुमार गुप्ता ने कहा कि शव मृतक नक्सली था या नहीं इसकी जांच अभी की जा रही है. जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है.




