सरायकेला : पुलिस ने एकबार फिर जिले में अफीम की खेती के खिलाफ अभियान की शुरुआत कर दी है. पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वर्तमान फ़सली वर्ष में अफीम की अवैध खेती की संभावना को नगण्य करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन द्वारा विगत 8 सितंबर से प्री-कल्टिवेशन ड्राइव चलाया जा रहा है. इस अभियान के तहत स्थानीय लोगों, ग्रामीण प्रतिनिधियों और स्कूली विद्यार्थियों को अफीम की अवैध खेती और इसके दुष्प्रभाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
शुक्रवार को ईचागढ़ थाना अंतर्गत लेपाटांड़ पंचायत सचिवालय में स्थानीय मुखिया, वार्ड सदस्य, आंगनबाड़ी सेविकाओं और जन प्रतिनिधियों के बीच जागरूकता सत्र आयोजित किया गया. इसके साथ ही कुचाई थाना के चम्पद गांव, दलभंगा ओपी के नीमडीह और सेमरपानी गांव, सेमरपानी स्कूल और खरसावां थानांतर्गत कुम्हारसाई गांव व चौका थाना के खूंटी बाजार में भी अभियान चलाया गया. अभियान के दौरान संबंधित थाना प्रभारी ने स्थानीय भाषा में अफीम की खेती के दुष्प्रभाव और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी. साथ ही, ग्रामीणों को अफीम के स्थान पर वैकल्पिक कृषि अपनाने हेतु प्रोत्साहित किया गया, ताकि आम जन और युवाओं को इस अवैध गतिविधि से दूर रखा जा सके. (नीचे भी पढ़ें)
मालूम हो कि पिछले साल पुलिस एवं प्रशासन ने करीब 600 एकड़ में हो रही अफीम की अवैध खेती को विनष्ट किया था. उनमें से ज्यादातर भूभाग पर किसानों ने पारंपरिक खेती की शुरुआत कर दी है. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जागरूकता कार्यक्रम के साथ-साथ वैसे भू-भाग पर पैनी निगाह रखी जा रही है जहां अफीम की अवैध खेती होने की संभावना है. उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों से अफीम की अवैध खेती से दूर रहने की अपील की है. साथ ही चेतावनी भी दी है कि यदि अफीम की अवैध खेती करते पकड़े गए तो विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी.



