जमशेदपुर/नयी दिल्ली : टाटा समूह की फ्लैगशिप कंपनी में से एक टाटा पावर ने वित्तीय वर्ष 2023-2024 में 12 हजार करोड़ का पूंजीगत व्यय करेगी. कंपनी गैर पारंपरिक ऊर्जा अक्षय ऊर्जा, वितरण, पारेषण और सौर ऊर्जा को लेकर काम करेगा. टाटा पावर की आमसभा में यह जानकारी टाटा संस और टाटा पावर के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहीं. श्री चंद्रशेखरन वार्षिक आमसभा (एजीएम) को संबोधित कर रहे थे. टाटा पावर देश में होने वाले निजीकरण के मौके का लाभ उठाना चाहती है. श्री चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा पावर ने अपने ग्रोथ को पाने के लिए 12 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनायी है. (नीचे भी पढ़े)
यह वित्त वर्ष 2023 में खर्च की गयी राशि का दोगुना है. इस निवेश में 4 गीगावाट का मैनुफैक्चरिंग यूनिट, निर्माणाधीन रिन्यूएबल प्रोजेक्ट, ओड़िशा में ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस और दिल्ली और मुंबई में ग्रोथ के नये मौके शामिल है. ये सारे निवेश आंतरिक फंड के जरिये ही करेगी. इसके तहत टाटा पावर तमिलनाडू में मैनुफैक्चरिंग प्लांट लगायेगी. इस साल अक्टूबर तक मॉडल लाइन और साल के अंत तक सेल लाइन के तैयार तैयार होने की उम्मीद है. (नीचे भी पढ़े)
टाटा पावर ने एजीएम में चंद्रशेखरन ने कहा कि सभी बिजनेस में अच्छे प्रदर्शन के चलते वित्तीय वर्ष 2022 में कंपनी का समेकित पूंजी 32 फीसदी बढ़कर 56033 करोड़ रुपये रहा था, जो पिछले साल 42576 करोड़ रुपये था. इसका समेकित शुद्ध मुनाफा वित्तीय वर्ष 2022 में 77 फीसदी बढ़कर 3810 करोड़ रुपये रहा, जो इसके पिछले वित्त वर्ष में 2156 करोड़ रुपये था.





