
जमशेदपुर : असफलता को उसी भावना के साथ स्वीकार करना चाहिए जैसे सफलता को हम गले लगाते हैं. यह हमें मजबूत बनाता है और आगे बढ़ने के लिए हिम्मत देता है. यह बातें टाटा स्टील के ग्लोबल सीइओ एंड एमडी टीवी नरेंद्रन साेमवार को टाटा स्टील फाउंडेशन की ओर से आयोजित दो दिवसीय ध्वनि यूथ कॉन्क्लेव के उदघाटन के दौरान कही. ध्वनि के चौथे संस्करण (चौथा साल) को ऑनलाइन वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर आयोजन किया गया. कार्यक्रम में झारखंड, ओड़िशा के अलग अलग शहर, गांव से एक हजार युवा इस कॉन्क्लेव में हिस्सा ले रहे हैं. युवाओं को संबोधित करते हुए टीवी नरेंद्रन ने कहा कि अपने भविष्य के लिए व्यक्तिगत रास्तों का निर्माण करते समय हम में से प्रत्येक को यह समझ कर निरंतर और सुसंगत बने रहने की आवश्यकता है. हमारा एक छोटा-सा कदम भी हमें अपने लक्ष्य के करीब ले जाता है. ध्वनि में युवा मन ने उचित आचार-व्यवहार के माध्यम से देश के जिम्मेदार नागरिक बनने और समाज के विकास के लिए अपने प्रयासों को समर्पित करने के संकल्प के लिए दो दिवसीय सम्मेलन की शुरुआत हुई. विवेकानंद जयंती 12 जनवरी युवा दिवस के दिन कार्यक्रम का समापन होगा.

मंथन में चयनित छह युवाओं को किया गया सम्मानित :
ध्वनि के पूर्व टीएसएफ ने मंथन यात्रा की थी. इसमें झारखंड ओड़िशा के हजारों युवा शामिल हुए थे. इसमें छह ऐसे प्रेरक युवाओं का चयन किया गया जिनकी कहानी युवाओं को जोड़ने और प्रेरणा देने वाली थी. इन सभी छह युवाओं को उदघाटन सत्र के दौरान आउटस्टैंडिंग युवा चेंजमेकर्स के रूप में सम्मानित किया गया.
इन्हें किया गया सम्मानित :
- जामाडोबा से पूजा कुमारी रजक (21) जो आसपास के मासिक धर्म को लेकर सामाजिक कलंक को खत्म करने की दिशा में काम कर रही हैं.
- कलिंगनगर के चंदन तिरिया (18) जो ड्रॉप-आउट लड़कियों को स्कूल वापस जोड़ने में मदद कर रहे हैं.
- पश्चिम बोकारो की प्रतिभा कुमारी (25) जिन्होंने महामारी सुरक्षा मानदंडों को बढ़ाने के लिए सर्वव्यापी योगदान दे रहे हैं.
- पश्चिम बोकारो के मुकेश कुमार रविदास (18) जो वातावरण स्वच्छता के लिए काम करने के लिए जागरूकता अभियान चलाते हैं.
- नोआमुंडी से भीमसिंह चटौंबा (20) जो वन संरक्षण गतिविधियों में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं.
- लालसा कुमारी (24) नोआमुंडी, जो नि:शुल्क कोचिंग कक्षाएं प्रदान कर रही हैं.

डिजिटल शिक्षा के मुकाबले भौतिक शिक्षा को ज्यादा पसंद कर रहे युवा :
स्वतंत्र तालीम की सह संस्थापक रिधि अग्रवाल और सरायकेला खरसावां से आदिवासी भाषाओं के जानकार एडवोकेट रेमो राज सोरेन समेत कई अनुभवी प्रतिवेदकों के एक पैनल ने सम्मेलन के पहले उप-विषय गुणवत्ता शिक्षा और युवाओं की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किये. कार्यक्रम के दौरान किये गये एक सर्वेक्षण से पता चला कि 55 प्रतिशत युवा शिक्षा के लिए डिजिटल मोड के बजाय फिजिकल मोड (क्लास रूम पढ़ाई) पसंद करते हैं.
एक लड़की दो परिवार को करती है शिक्षित :
जामाडोबा की अंजलि कुमारी और वेस्ट बोकारो की सीमा यादव ने युवाओं की आवाज का प्रतिनिधित्व करते हुए कहा कि युवा स्वीकार करते हैं कि केवल रट्टा लगा कर सीखना और डिग्री हासिल करना आगे जाकर हमेशा फायदेमंद साबित नहीं होता है. इसलिए शिक्षा व्यवस्था में प्रणालीगत बदलाव लाने की जरूरत है. सीमा यादव ने लड़की शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि एक लड़की को शिक्षित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि दो परिवार एक महिला पर निर्भर होते हैं.

इन विषयों पर भी युवाओं दी गयी व्याख्या :
सम्मेलन के दूसरे सत्र आर्थिक विकास के लिए उत्प्रेरक के रूप में युवा विषय पर व्याख्या करते हुए वेस्ट बोकारो से रहनुमा फिरदौस और जोड़ा से आशीष पेलेई ने समाज के दृष्टिकोण को बदलने और उद्यमियों को एक व्यवहार्य विकल्प के रूप में प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया. एकता जाजू, संस्थापक व सीईओ ऑर्गेनिक फूड और रजिया शेख संस्थापक बस्तर फूड ने नेटवर्क मार्केटिंग और डिजिटल उपक्रमों पर सवालों के जवाब देते हुए संवाद में योगदान दिया




