
जमशेदपुर : टाटा स्टील की अधिकृत यूनियन टाटा वर्कर्स यूनियन अपने सबसे ईमानदा यूनियन अध्यक्ष स्वर्गीय अब्दुल बारी के नाम पर बनाये गये मैदान को भी नहीं बचा पायी. पहले यह मैदान कंपनी के साकची एल टाउन गेट से सटे हुए एरिया में मौजूद था. जहां बड़ी से बड़ी सभाएं होती थी और मजदूरों का जुटान भी होता था. कंपनी के विस्तारीकरण के जद में वह मैदान भी आया और उसको शिफ्ट कर दिया गया. इसको बाद में करीम टॉकीज के बगल में ले जाया गया, जहां का मैदान हवा हवाई हो गया. मैदान में पार्किंग बना दी गयी थी. यह कहा गया था कि बारी मैदान बचा रहेगा, अभी अस्थायी तौर पर पार्किंग बनाया गया है. लेकिन इसको बरकरार रखा गया और अब नया पार्किंग एरिया बना दिया गया और अब उक्त मैदान को भी हटा दिया जा रहा है. वहां बारी मैदान क्लब हाउस भी है, जिसको हटा दिया जायेगा और उसको साकची सुवर्णरेखा फ्लैट के पास स्थित न्यू गंडक रोड के समीप स्थित साकची दुर्गा बाड़ी के पीछे खाली मैदान में ले जाया जायेगा. मंगलवार को टाटा स्टील के वीपी सीएस चाणक्य चौधरी, टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महासचिव सतीश सिंह, डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह समेत अन्य लोग मौजूद थे. करीब 3 हजार वर्ग फीट में इसको बनाया जा रहा है. टाटा स्टील अपना विस्तार कर रही है, जिसकी कड़ी में इसकी शिफ्टिंग की जा रही है. क्लब हाऊस तो कहीं भी बन जायेगा, लेकिन ऐतिहासिक बारी मैदान के गायब होने और एक पिकनिक स्पॉट का नहीं खुल पाने जैसे मुद्दे पर यूनियन चुप बैठी हुई है. अंदर ही अंदर मजदूर बातों को समझ रहे है. (नीचे पूरी खबर देखें)

यह कई मायने में ऐतिहासिक था बारी मैदान
साकची का बारी मैदान एक ईमानदार ट्रेड यूनियन नेता अब्दुल बारी के नाम पर था, जिनकी गोली मारकर पटना जाते समय हत्या कर दी गयी थी. उनके नाम पर इस मैदान का नामकरण उस वक्त किया गया था. 2008-2009 में इस मैदान को शिफ्ट कर दिया गया और तापती रोड साकची में इसको बना दिया गया. करीब 200 क्वार्टरों को तोड़कर नया बारी मैदान बनाया गया था. बारी मैदान मजदूरों की सभा के लिए बनाया गया था. लेकिन आज उसका अस्तित्व समाप्त हो गया. यूनियन मूकदर्शक बनी रही. स्वतंत्रता सेनानी प्रोफेशर अब्दुल बारी के नाम पर इसको बनाया गया था. 15 अगस्त 1947 को यहीं पर पहली बार आजादी के बाद स्वतंत्रता दिवस के ध्वजारोहण कार्यक्रम हुआ था. पहले यहां मजदूरों की सभाएं होती थी, जिसको लेकर भी यह ऐतिहासिक थी. भाजपा के वरिष्ठ नेता और देश के प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी समेत कई बड़े नेता यहां इन सभाओं को संबोधित कर चुके थे. प्रोफेशर अब्दुल बारी टाटा स्टील की अधिकृत टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष थे. उनकी 28 मार्च 1974 को पटना जाते वक्त गोलीमारकर हत्या कर दी गयी थी.
कालीमाटी पिकनिक स्पॉट शुरू ही नहीं हो पाया
जमशेदपुर के साकची बारी क्लब हाऊस के बगल में टाटा स्टील ने 2018 के अक्टूबर माह में कालीमाटी पिकनिक स्पॉट बनाया था. उद्देश्य था कि लोगों को नया पिकनिक स्पॉट दिलाया जाये, लेकिन बनने के साथ ही यह बातें आ गयी कि यहां पिकनिक स्पॉट नहीं चलाया जा सकता है क्योंकि विस्तारीकरण की जद में आयेगी. लाखों रुपये खर्च कर यह पार्क बंद ही रहा.





