जमशेदपुर : जमशेदपुर स्थित एक्सएलआरआइ में रुरल बिजनेस इंक्यूबेशन सेंटर की शुरुआत हुई. इसके जरिये पूर्वी और उत्तर पूर्वी भारत के स्टार्टअप को मदद मिलेगी. इसका विधिवत उदघाटन टनेशनल बैक फॉर एग्रीकल्चर एंड रुरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) के चेयरमैन डॉ शाजी केवी ने किया. इस मौके पर टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ और एक्सएलआरआइ बोर्ड के चेयरमैन टीवी नरेंद्रन भी मौजूद थे. यह सेंटर नाबार्ड के सपोर्ट से संचालित होगी और इसका संचालन भारत सरकार के ग्राम्य विकास निधि स्कीम के तहदत स्थापित किया गया है. इसके जरिये ग्रामीण अर्थव्यवस्था को इससे लाभ होगा. इस सेंटर के बनने से प्रोफेशनल मेंटरशिप और बिजनेस डेवलपमेंट सपोर्ट होगा, फंडिंग लिंकेज, ग्रांट्स और इन्वेस्टर कनेक्शन होगा, तकनीकी संसाधन, मार्केट एक्सेस और स्केलिंग सपोर्ट होगा और हब-एंड-स्पोक मॉडल के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच सकता है. एक्साइट चयनित स्टार्टअप्स को निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध करायेगा. इसके माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं, खासकर युवा, महिलाओं और आदिवासी समुदायों को राष्ट्रीय तथा वैश्विक स्तर का मंच मिलेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा. एक्सएलआरआइ के फैकल्टी-इन-चार्ज प्रो. सौरव स्नेहव्रत ने बताया कि एक्साइट का लक्ष्य देश के अग्रणी रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर्स में शामिल होना है, जहां प्रबंधन विशेषज्ञता, ग्रामीण समझ और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन इनोवेशन का अनोखा मिश्रण होगा. (नीचे भी पढ़ें)
इसकी स्थापना को लेकर एमओयू पर 19 दिसंबर 2025 को हस्ताक्षर हुआ था. इसका उदघाटन अब जाकर हुआ है, जिसके बाद यह सक्रिय हो गया है. इस अवसर पर बताया गया कि इससे न केवल जमशेदपुर और झारखंड, बल्कि पूरे पूर्वी भारत को स्टार्टअप इकोसिस्टम में नई पहचान मिलेगी. यह पहल आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल की भावना को मजबूत करेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नवाचार-आधारित उद्यमिता, रोजगार सृजन और सतत विकास के नये आयाम खोलेगी. सामाजिक प्रभाव और आर्थिक प्रगति के बीच संतुलन बनाते हुए एक्साइट ग्रामीण भारत के सपनों को उड़ान देने का काम करेगा. नवस्थापित एक्साइट पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के 12 राज्यों को कवर करेगा. जिसमें बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, मणिपुर, सिक्किम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्य शामिल हैं. इन राज्यों में कृषि, एग्री-बिजनेस, ग्रामीण नवाचार, सर्कुलर इकोनॉमी, आदिवासी आजीविका और महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को विशेष प्रोत्साहन देगा. इस केंद्र की कार्यप्रणाली सोशल इंपैक्ट फर्स्ट, प्रॉफिट सेकंड के सिद्धांत पर आधारित होगी, जिसमें सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और समावेशी विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जायेगी.





