जमशेदपुर : जमशेदपुर के मानगो पुराना पुल के पास मछली कारोबारियों से रंगदारी वसूलने को लेकर हुई फायरिंग की घटना का उदभेदन पुलिस ने कर दिया है. जमशेदपुर के एसएसपी प्रभात कुमार के निदेश पर सिटी एसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारियों ने मिलकर रंगदारी की वसूली को लेकर हुई फायरिंग की घटना में ताबड़तोड़ छापामारी की, जिसके बाद कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया है. उनके पास से तीन पिस्तौल, पांच जिंदा कारतूस बरामद किया गया है. जमशेदपुर के एसएसपी ने बताया कि इस कांड को रंगदारी के लिए कुंदन सिंह और माशूक मनीष गिरोह के लोगों ने अंजाम दिया है. (नीचे भी पढ़ें)
दोनों गिरोह चाहते थे कि रंगदारी की वसूली वे लोग करें, जिसको लेकर यह फायरिंग की घटना घटी थी. इसमें कुंदन सिंह उर्फ भोंदू एक हत्या के मामले में फरार चल रहा था, जिसको पुलिस ने गिरफ्तार किया. कुंदन सिंह गिरोह के मानगो उलीडीह शांति निवास के रहने वाले अमन ठाकुर उर्फ डेंगू, उलीडीह टैंक रोड के पास रहने वाले जीतेंद्र कुमार साहू उर्फ धूम, उलीडीह टैंक रोड निवासी आकाश नामता उर्फ कलाकार, साकची पियुन कॉलोनी निवासी पंकज कुमार सिंह, उलीडीह टैंक रोड निवासी राकेश सिंह सरदार उर्फ पाकड़ु जबकि माशुक मनीष गैंग के मानगो दाइगुट्टू निवासी अंकेश कुमार उर्फ बाबू शामिल है. अंकेश कुमार उर्फ बाबू भाजपा युवा मोर्चा के उलीडीह मंडल के मंत्री के पद पर भी थे. उनके पास से दो देशी कट्टा, एक देशी पिस्तौल, एक 8 एमएम का जिंदा कारतूस, दो 7.64 एमएम का जिंदा कारतूस, दो 9 एमएम का जिंदा कारतूस, पांच खोखा, मोटरसाइकिल, स्कूटी और मोबाइल जब्त किया गया है. कुंदन सिंह, आकाश नामता, अमन ठाकुर, जीतेंद्र साहू उर्फ धूम और पंकज कुमार सिंह पर पहले से ही कई केस दर्ज है. (नीचे भी पढ़ें)
रंगदारी मांगने वाला भी गिरफ्तार
जमशेदपुर के एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि कई व्यवसायियों से रंगदारी की मांग को लेकर फोन कॉल जा रहा था. इसको लेकर काफी हाय तौबा हो रहा था. इसके बाद जब छानबीन की गयी तो मालूम चला कि सोनू सिंह के नाम पर फोन किया जा रहा था. सोनू सिंह रांची जेल में बंद है, जिसके नाम पर बंटी गुहा द्वारा फोन पर रंगदारी की वसूली की जा रही है. एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि वह छोटा अपराधी है. वह तीन से चार हजार रुपये का डिमांड करता था. उसको पुलिस ने पकड़ा है. दुकानदारों के फोन नंबर दुकान के बाहर देखकर फोन करता था और धमकाता था. उसको कोलकाता से गिरफ्तार किया गया. ट्रांजिट रिमांड पर लेने के बाद उसको जेल भेज दिया गया.




